July 6, 2026

पहली बारिश ने खोली घटिया निर्माण की पोल,,,4 महीने नहीं हुए,,,दीवारो पर सिपेज़ और दीवारों मे दरार – भाग 1

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सारंगढ़ – छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत बने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल (SAGES) सारंगढ़ के नए भवन को लेकर एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। नवनिर्मित भवन में पहली ही शुरुआती बारिश के बाद क्लासरूम की दीवारों पर भारी सीपेज  आना शुरू हो गया है।स्कूल के भीतर से आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि क्लासरूम की दीवारें और छत का एक बड़ा हिस्सा सीलन की वजह से पूरी तरह से गीला हो चुका है।

दीवारों का रंग बदरंग हो गया है। इसी सीलन और टपकते पानी के साए में मासूम बच्चे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल, बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरा लाखों रुपए की लागत से तैयार हुए इस नए शिक्षा संस्थान में इस तरह की स्थिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े करती है।

पहली ही बारिश में आई इस सीलन के कारण कई गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं शॉर्ट सर्किट का डर: क्लासरूम में बिजली के बोर्ड और वायरिंग के पानी का रिसाव होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

बच्चों को बीमारियों का खतरा लगातार सीलन और नमी के कारण क्लासरूम में फंगस (फफूंद) लगने की आशंका है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों में इस बदइंतजामी को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी (ठेकेदार) और संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को जोखिम में डाला जा रहा है।


जगह जगह दीवारों पर दरारे,,, फटी दरारे घटिया निर्माण को उजागर कर रहा


वही सिर्फ सिपेज़ जैसे समस्या नहीं है बल्कि नए बनाये भवन के दीवारो पर दर्जनों दरारे भी आ चूका है हर कमरे पर दरार है जबकि बने महज 4 महीने नहीं हुए है और ये हालात तो आगे क्या होगा और पहली शुरवाती बारिश मे सिपेज़ दरार आ चूका है तो आगे क्या ये भवन सालो साल चलेगा ये सबसे बड़ा सवाल है जहाँ विभाग ठेकेदार की मिली भगत से ये घटिया निर्माण को अंजाम दिया गया है जहाँ सरकार की करोडो रुपये अब भ्रष्टाचार की भेठ चढ़ चूका है ऐसे ठेकेदार, विभाग के इंजिनियर अधिकारी तक ठोस कार्यवाही होनी चाहिए ताकि ऐसे घटिया निर्माण पर अंकुश लगाया जा सके