सारंगढ़ बिलाईगढ़, 29 मई 2024/तेज धूप और नौतपा से तापमान में वृद्धि के कारण नागरिकों को लू लगने की संभावना है, जिससे आम जनजीवन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके मद्देनजर कलेक्टर श्री धर्मेश कुमार साहू ने आम नागरिक सहित जिलेवासियों से अपील किया है कि धूप में घर से अनावश्यक नही निकले। यदि जरूरी हो तो सर और चेहरे को कपड़े, टोपी से ढके। साथ में पानी की बोतल अवश्य रखें।
कलेक्टर ने जिला अस्पताल सहित समस्त सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों के संस्था प्रभारियों को लू से बचाव एवं उपचार हेतु पर्याप्त मात्रा में आवश्यक जीवन रक्षक दवाईयां एवं ओ. आर. एस. की उपलब्धता सुनिश्चित कर मरीजों का उपचार करने को कहा है। मैदानी स्वास्थ्य अमलों और मितानिनों के माध्यम से लू लगने के लक्षण के कारण और बचाव के उपायों के संबंध में स्वास्थ्य जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। अगर ओ.आर.एस. न हो तो घर पर ही एक गिलास पानी में एक चम्मच शक्कर व एक चुटकी नमक मिलाकर जीवन रक्षक घोल तैयार किया जा सकता है। गांव में मितानिनों या डिपो होल्डर के पास ओ.आर.एस. और दवाईयां लेकर प्राथमिक उपचार के पश्चात निकट के स्वास्थ्य केन्द्र या चिकित्सक के पास जाकर मरीज को भर्ती कर उपचार कराना चाहिए। लू लगना या हीट-स्ट्रोक, खतरनाक एवं जानलेवा भी हो सकता है।
लू के लक्षण में सिर में भारीपन और दर्द, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीने का न आना, अधिक प्यास लगना भूख न लगना बेहोश होना शामिल है
लू से बचने के उपाय अंतर्गत धूप में निकलने से पहले सिर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से बांध लें। पानी अधिक मात्रा में पियें। अधिक समय तक धूप में न रहे। गर्मी के दौरान मुलायम सूती कपड़े पहने ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहे। अधिक पसीना आने की स्थिति में ओ.आर.एस. घोल पिये। चक्कर, उल्टी आने पर छायादार स्थान पर विश्राम करें। शीतल पेय जल पिये, फल का रस, लस्सी, मठा आदि का सेवन करें। प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द्र से निःशुल्क परामर्श ले। उल्टी, सर दर्द, तेज बुखार की दशा में निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र से जरूरी सलाह ले।
लू लगने पर किया जाने वाला प्रारंभिक उपचार अंतर्गत बुखार से पीड़ित व्यक्ति के सर पर ठंडे पानी की पट्टी लगायें, कच्चे आम का पना, जलजीरा आदि, पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लेटायें, शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करते रहें, पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र ही किसी नजदीकी चिकित्सा केन्द्र में उपचार हेतु ले जायें, आंगनबाड़ी मितानिन तथा ए.एन.एम. से ओ. आर. एस. की पैकेट के लिए संपर्क करें।
भीषण गर्मी में लू से बचने के लिए पानी पीये, भले ही प्यास न लगे, मिर्गी या हृदय, गुर्दे या लीवर से संभावित रोग वाले जो तरल प्रतिबंधित आहार लेते हो या जिनको द्रव्य प्रतिधारण की समस्या है, उनको तरल सेवन बढ़ाने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। अपने आप को लू से बचकर (हाइड्रेटेड) रखने के लिए ओआरएस घोल, घर के बने पेय जैसे- लस्सी, नींबू का पानी,छाछ आदि का सेवन करें।
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