October 14, 2026

स्कूल से नाम काटने के मामले में प्राचार्य पर कार्रवाई की मांग, कलेक्टर से की शिकायत

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बीमार होने के कारण स्कूल नहीं जा सके विद्यार्थियों का नाम काटने और टीसी जारी नहीं करने का आरोप, अभिभावकों ने बच्चों का भविष्य खराब होने की जताई आशंका

महासमुंद। गेंददास मानिकपुरी (खबर निरीक्षण) जिले के बसना विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिछिया में विद्यार्थियों का नाम स्कूल से काटे जाने और स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) जारी करने को लेकर विवाद सामने आया है। मामले में अभिभावकों ने जिला कलेक्टर से शिकायत कर जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में विद्यालय के प्राचार्य पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए विद्यार्थियों को पुनः उसी विद्यालय में प्रवेश दिलाने की मांग की गई है।

प्राप्त शिकायत के अनुसार, ग्राम कोटेनदरहा निवासी अनिल दीवान कक्षा 9वीं में अध्ययनरत थे। अभिभावक के मुताबिक, स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे कुछ दिनों तक विद्यालय नहीं जा सके। इसके बाद जब वे स्कूल पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि उनका नाम विद्यालय से काट दिया गया है। इसी तरह ग्राम कोटेनदरहा निवासी निखिल बरिहा के अभिभावक ने भी अपने पुत्र का नाम काटे जाने की शिकायत की है।

अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय से संबंधित निर्धारित फीस समय-सीमा के भीतर जमा कर दी गई थी। शिकायत में बताया गया है कि स्कूल फीस के रूप में 930 रुपये तथा शाला विकास के लिए 400 रुपये की राशि भी जमा की गई थी। इसके बावजूद विद्यार्थियों का नाम काटे जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई है।

शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि आगामी अर्धवार्षिक परीक्षा नजदीक होने के बावजूद विद्यार्थियों को स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) जारी नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि दूसरे विद्यालय में प्रवेश के लिए टीसी आवश्यक है। ऐसे में समय पर प्रवेश नहीं मिलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है और उनका शैक्षणिक वर्ष बर्बाद होने की आशंका है।

जांच कर कार्रवाई की मांग

अभिभावकों ने जिला कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में विद्यालय प्रबंधन या प्राचार्य की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही विद्यार्थियों को पुनः विद्यालय में प्रवेश दिलाकर उनकी पढ़ाई नियमित कराने की व्यवस्था की जाए।

फिलहाल, मामले में अभिभावकों की शिकायत के आधार पर जांच एवं प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। विद्यालय प्रबंधन या संबंधित शिक्षा अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर मामले की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।