सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के वनांचल क्षेत्र गोमर्दा अभ्यारण से शुरू हुई जनमंच ग्राम विकास समिति ग्रामीणों को जागरूक कर उन्हें विकास की प्रक्रिया से जोड़ने की पहल कर रही है। संगठन का उद्देश्य ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना, पात्र हितग्राहियों को उनका लाभ दिलाने में सहयोग करना तथा स्थानीय समस्याओं के निराकरण के लिए सामूहिक प्रयास करना है। इसके साथ ही क्षेत्र की मूलभूत जरूरतों और लंबित मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाकर समाधान की दिशा में पहल करना भी समिति की प्राथमिकताओं में शामिल है।
जनमंच का मानना है कि गांवों का विकास तभी गति पकड़ेगा, जब नागरिक अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। इसी सोच के साथ संगठन गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली, स्वच्छता और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनभागीदारी को प्रोत्साहित कर रहा है।
चुनावी वादों से आगे बढ़कर ग्रामीणों को स्वयं करनी होगी पहल
जनमंच के संस्थापक रामकुमार थूरिया ने चर्चा के दौरान कहा कि चुनाव के समय राजनीतिक दलों के नेता ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर विकास के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव संपन्न होने के बाद कई स्थानीय समस्याएं अनसुलझी रह जाती हैं। इससे ग्रामीणों में निराशा बढ़ती है। ऐसे में जरूरी है कि नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए स्वयं संगठित होकर आगे आएं।
उन्होंने कहा, “गांव की समस्याओं को दूर करने के लिए केवल दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय जागरूक नागरिकों को सामूहिक प्रयास करना होगा। जब ग्रामीण एकजुट होकर अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुंचाएंगे और समाधान के लिए निरंतर पहल करेंगे, तभी सकारात्मक और स्थायी बदलाव संभव होगा।”
योजनाओं का लाभ और स्थानीय समस्याओं का समाधान प्राथमिकता
जनमंच ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं की जानकारी देने, पात्र हितग्राहियों को आवेदन एवं दस्तावेजों संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने तथा संबंधित विभागों तक उनकी समस्याएं पहुंचाने में सहयोग करेगा। संगठन का प्रयास है कि जानकारी के अभाव या प्रक्रियागत कठिनाइयों के कारण कोई पात्र व्यक्ति सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे।
समिति स्थानीय स्तर पर समस्याओं की पहचान कर उन्हें सामूहिक मुद्दों के रूप में सामने लाने और उनके निराकरण के लिए संगठित पहल करने पर जोर दे रही है। इससे ग्रामीणों को अपनी जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों की मांग रखने और संबंधित विभागों से संवाद स्थापित करने का अवसर मिलेगा।
वनांचल से पूरे जिले तक जनजागरूकता का लक्ष्य
दूरस्थ ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं की जानकारी, दस्तावेजों की उपलब्धता और विभागीय प्रक्रियाओं से जुड़ी कठिनाइयां लोगों के लिए चुनौती बनी रहती हैं। जनमंच इन समस्याओं को सामने लाकर ग्रामीणों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना चाहता है।
थूरिया ने स्पष्ट किया कि जनमंच किसी राजनीतिक दल का विकल्प नहीं, बल्कि आम नागरिकों को एक मंच पर लाकर गांवों के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास है। संगठन में युवा, महिलाएं, किसान, मजदूर और वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों की सहभागिता को महत्व दिया जाएगा।
रामकुमार थूरिया ने कहा कि अल्प समय में जनमंच के प्रति लोगों का जुड़ाव और विश्वास संगठन के लिए उत्साहजनक है। यह विश्वास जनहित के कार्यों को पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और सामूहिक निर्णय की भावना के साथ आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि जनसहभागिता और निरंतर प्रयासों के माध्यम से जनमंच ग्राम विकास समिति सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में जनजागरूकता तथा सामूहिक विकास की मिसाल बनेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने गांव की समस्याओं के समाधान के लिए आगे आएं और इस पहल में सक्रिय भागीदारी निभाएं। जागरूक नागरिक, संगठित गांव और सहभागी विकास। संगठन का मानना है कि जब ग्रामीण स्वयं अपने क्षेत्र की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए एकजुट होंगे, तभी गांवों में वास्तविक बदलाव आएगा और जनसहभागिता विकास की मजबूत आधारशिला बनेगी।

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