November 1, 2026

पटवारियों की हड़ताल पर प्रशासन सख्त, तत्काल काम पर लौटने का आदेश; अनुपस्थिति पर ब्रेक इन सर्विस की चेतावनी

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सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में पटवारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी सारंगढ़ ने 31 अक्टूबर 2026 को जिले के सारंगढ़, बरमकेला और सरिया तहसील के समस्त पटवारियों के नाम नोटिस जारी कर तत्काल अपने कर्तव्य पर वापस लौटने के निर्देश दिए हैं।

मिली जानकारी अनुसार पटवारी संघ सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा 13 अक्टूबर 2026 से विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा रही है। इसके चलते पटवारी अपने शासकीय दायित्वों से विरत हैं। प्रशासन ने इस अनुपस्थिति के कारण कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्य प्रभावित होने की बात कही है।

कई महत्वपूर्ण सरकारी कामकाज प्रभावित

प्रशासन के अनुसार पटवारियों की अनुपस्थिति से धान फसल का डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी, धान खरीदी से संबंधित विभिन्न कार्य, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के नुकसान का आकलन एवं सर्वेक्षण, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाले कार्य, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से संबंधित प्रकरण और न्यायालयीन कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

नोटिस में कहा गया है कि शासकीय सेवक होने के नाते पटवारियों का यह कर्तव्य है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन करें। वर्तमान स्थिति को शासन और जनहित के अनुरूप नहीं बताया गया है।

अनुपस्थित रहने पर ब्रेक इन सर्विस और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी

प्रशासन ने पटवारियों को निर्देशित किया है कि वे तत्काल अपने कर्तव्य पर वापस लौटकर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें और लंबित शासकीय कार्यों का समयबद्ध तरीके से निर्वहन करें।

नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर अनुपस्थिति की अवधि को सेवा अवरोध (ब्रेक इन सर्विस) के रूप में परिकलित किया जाएगा। साथ ही सुसंगत विधिक प्रावधानों के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है, जिसकी संपूर्ण जवाबदेही संबंधित पटवारी की होगी।

अब बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन के इस सख्त अल्टीमेटम के बाद पटवारी काम पर लौटते हैं या अपनी मांगों को लेकर हड़ताल जारी रखते हैं?