August 2, 2026

उलखर आरोग्य मंदिर बना सारंगढ़ का पहला NQAS सर्टिफाइड उप स्वास्थ्य केंद्र

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) मूल्यांकन में हासिल किए 88.24% अंक 12 प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं,…

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राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) मूल्यांकन में हासिल किए 88.24% अंक

12 प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं, रिकॉर्ड और मरीजों के फीडबैक के आधार पर हुआ चयन

सारंगढ़। क्षेत्रीय स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को एक बड़ी सफलता मिली है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेड़वन के अंतर्गत संचालित उप स्वास्थ्य केंद्र ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर, उलखर’ ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 88.24 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। इसके साथ ही उलखर आरोग्य मंदिर, विकासखंड सारंगढ़ का पहला NQAS सर्टिफाइड उप स्वास्थ्य केंद्र बन गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 27 जुलाई 2026 को इसके आधिकारिक परिणाम जारी किए गए।
12 प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं का हुआ ऑनलाइन मूल्यांकन
उल्लेखनीय है कि 30 जून 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा नामित मूल्यांकनकर्ताओं की टीम द्वारा संस्था का ऑनलाइन मूल्यांकन किया गया था। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र में दी जाने वाली 12 प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं, उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, रिकॉर्ड निरीक्षण, स्टाफ इंटरव्यू, भौतिक अवलोकन एवं मरीजों से प्राप्त फीडबैक का बारीकी से निरीक्षण किया गया, जिसमें उलखर केंद्र ने सभी मानकों पर खरा उतरते हुए सफलता प्राप्त की।


प्रशासनिक मार्गदर्शन एवं टीमवर्क का परिणाम
इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने प्रसन्नता व्यक्त की है। इस सफलता में जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ की कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के निर्देशन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव के नेतृत्व तथा बीएमओ डॉ. आर.एल. सिदार की कार्यकुशलता की मुख्य भूमिका रही।
साथ ही जिला नोडल अधिकारी श्री के.पी. गोस्वामी, ब्लॉक नोडल अधिकारी  सी.के. पटेल, अरुण कुमार नायक एवं बीपीएम  एन.एल. ईजारदार की निगरानी में केंद्र का उन्नयन किया गया। डीपीएम दीपक धारा, डैम  मनोज साहू, डीटीसी श्रीमती ममता बंजारे सहित जिला स्वास्थ्य टीम का इसमें सराहनीय योगदान रहा।
जमीनी स्तर पर कर्मचारियों की मेहनत रंग लाई
आरोग्य मंदिर को इस राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में सेक्टर भेड़वन के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.एस. पटेल, सुपरवाइजर  डी.पी. रात्रे, ममता मैत्री, फार्मासिस्ट  के.एल. चंद्रा, सखाराम निराला, सीएचओ कुमारी कल्पना कुर्रे, श्रीमती प्रियंका सिदार, संदीप साहू, कुमारी प्रिसिला लक्ष्मे, आरएचओ  हरि लाल जांगड़े, आर.एस. खुराना, श्रीमती मंजू निराला, श्रीमती ललिता जांगड़े, क्षेत्र की एमटी तथा मितानिन बहनों का विशेष योगदान रहा।
इस प्रमाणन से अब क्षेत्र के ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक स्तर की बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर प्राप्त होंगी।