September 2, 2026

अस्पताल में सुविधा का हुआ विस्तार:बिलाईगढ़ में पोषण पुनर्वास केंद्र का शुभारंभ के बाद एक दिन 7 बच्चों को कराया गया भर्ती

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बिलाईगढ़ – सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 10 बिस्तरीय पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) का शुभारंभ बीते दिन कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू एवं विधायक कविता प्राण लहरे और संजय भूषण पांडये ने फीता काटकर किया था । पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर उनका उपचार, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पुष्पेंद्र वैष्णव और बिलाईगढ़ विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर शशी जायसवाल के नेतृत्व में बिलाईगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है जैसे ही पोषण पुनर्वास केंद्र का शुभारंभ हुआ इसके बाद 1 सितंबर को एक दिन में 7 कुपोषित बच्चों को यहां भर्ती कराया गया और देखरेख के साथ उनका उपचार शुरू कर दिया गया है। बीएमओ डॉक्टर शशी जायसवाल ने कहा कि हमारे क्षेत्र में कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी लाने के लिए यह प्रयास किया गया है जो सार्थक हो रहा है इस केंद्र में बच्चों के देखभाल के लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है और बच्चों के माता के लिए भी भोजन व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाएं की गई है साथ ही बच्चों के साथ रहने के लिए उन्हें 15 दिवस के लिए 2250 रुपए का प्रोत्साहन राशि भी प्रदान किया जाएगा। इस प्रकार से देखें कि यह सरकार की योजना में बच्चे कुपोषित मुक्त हो रहे हैं और आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है ।

जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के नेतृत्व एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के तीनों विकासखंडों में 10-10 बिस्तर के पोषण पुनर्वास केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस तरह जिले में कुल 30 बिस्तरों की NRC सुविधा उपलब्ध हो गई है।

15 दिनों तक विशेषज्ञों की निगरानी में होगा उपचार

बीएमओ डॉक्टर शशी जायसवाल ने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को लगभग 15 दिनों तक भर्ती रखकर उपचार एवं पोषण संबंधी देखभाल की जाएगी। इस दौरान बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ उन्हें पौष्टिक आहार दिया जाएगा। बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति में सुधार के लिए स्वास्थ्यकर्मी लगातार निगरानी करेंगे।