सरकार का मुँह ताकतें दाम्पत्ति जोड़े,,, राशि प्रदान मे सुस्ती
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में योजना के क्रियान्वयन की पड़ताल, कई महीने बाद भी भुगतान नहीं मिलने की जानकारी; बजट आवंटन से लेकर विभागीय प्रक्रिया तक पर उठ रहे सवाल
सारंगढ़-बिलाईगढ़ टारजन महेश ( खबर निरीक्षण ) – सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और जातिगत भेदभाव को दूर करने के उद्देश्य से संचालित अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन को लेकर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। जिले में सैंकड़ो अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपतियों को अब तक प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इन प्रकरणों के भुगतान के लिए करोडो रुपये की आवश्यकता है। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि आखिर पात्र दंपतियों को योजना का लाभ मिलने में देरी क्यों हो रही है? क्या शासन स्तर पर बजट आवंटन नहीं हुआ है, या फिर विभागीय प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है?
योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि समाज में जातिगत भेदभाव को कम करना और सामाजिक समानता को प्रोत्साहित करना भी है। ऐसे में यदि पात्र दंपतियों को कई महीनों तक प्रोत्साहन राशि का इंतजार करना पड़ रहा है, तो यह मामला योजना के क्रियान्वयन, बजट प्रबंधन और प्रशासनिक जवाबदेही की पड़ताल का विषय बन जाता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिले के सैंकड़ो दंपतियों के प्रकरणों में भुगतान लंबित बताया जा रहा है। लगभग 100 से अधिक जोड़े शामिल है हालांकि, इन सभी प्रकरणों की पात्रता, स्वीकृति और वर्तमान भुगतान स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग के अभिलेखों से किया जाना आवश्यक है।
प्रत्येक दंपती को मिलते हैं ढाई लाख रुपये, फिर भुगतान में देरी क्यों?
छत्तीसगढ़ में अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले पात्र दंपतियों को कुल 2 लाख 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। यह योजना सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और अस्पृश्यता जैसी सामाजिक बुराइयों को दूर करने के उद्देश्य से संचालित की जाती है।
योजना के अंतर्गत राशि के वितरण की व्यवस्था को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार, एक लाख रुपये दंपती के संयुक्त बैंक खाते में जमा किए जाते हैं, जबकि शेष डेढ़ लाख रुपये तीन साल के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में रखे जाते हैं। एफडी की अवधि पूरी होने पर नियमानुसार उसकी राशि प्राप्त की जा सकती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य दंपती को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ भविष्य के लिए भी धन सुरक्षित रखना है।
लेकिन जब योजना के तहत सहायता राशि देने का प्रावधान है, तो सवाल यह है कि पात्रता पूरी करने वाले दंपतियों को समय पर इसका लाभ क्यों नहीं मिल पा रहा है? क्या उनके आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं और केवल बजट आवंटन की प्रतीक्षा है, या फिर आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की प्रक्रिया में ही देरी हो रही है?
कई महीने बीतने के बाद भी इंतजार, आखिर कहां अटकी प्रक्रिया?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल भुगतान में हो रही देरी को लेकर है। यदि दंपतियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया है, आवश्यक दस्तावेज जमा किए हैं और विभागीय जांच भी पूरी हो चुकी है, तो फिर भुगतान किस स्तर पर लंबित है?
क्या संबंधित कार्यालय ने सभी पात्र प्रकरणों की सूची तैयार कर शासन को भेज दी है? यदि बजट की मांग भेजी गई है, अगर सब कुछ हो गया तो फिर राशि क्यों लटकी?
क्या सरकार के पास बजट नहीं?
लंबित भुगतान के मामले में बजट आवंटन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि विभाग ने समय पर सभी पात्र प्रकरणों का विवरण तैयार कर शासन को बजट की मांग भेज दी थी, तो अब तक आवश्यक राशि आवंटित क्यों नहीं हुई। क्या सरकार के पास बजट नहीं जिसकी वजह से अब तक भुगतान नहीं हुआ और फाइल जिला से प्रदेश स्तर के कार्यलय तक पहुंच कर दबा पड़ा हुआ है
सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाली योजना… चल रहा कछुए की चाल
अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य समाज में जातिगत भेदभाव को कम करना और सामाजिक समानता को प्रोत्साहित करना है। लेकिन इतनी बड़ी योजना की चाल कछुवे की तरह चल रहा है जबकि ऐसी योजनाओं का लाभ समय पर मिलना उनके उद्देश्य को प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
यदि पात्र दंपतियों को लंबे समय तक राशि का इंतजार करना पड़ता है, तो स्वाभाविक रूप से योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठते हैं। हितग्राहियों को यह जानने का अधिकार है कि उनके आवेदन की स्थिति क्या है, भुगतान में देरी क्यों हो रही है और उन्हें सहायता राशि कब तक मिल सकती है।
पात्र दंपत्ति सरकार पर उम्मीद लगाए बैठे
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सैंकड़ो दंपतियों से जुड़े इस मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि पात्र हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान कब तक किया जाएगा। सरकार पर सभी पात्र दम्पतियों की निगाहे टिकी हुई है की जल्द उसका भुगतान किया जाये वही कई जोड़ो से बात चित किया गया तो उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है की जल्दी प्रोत्साहन राशि प्रदान करें

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