सारंगढ़ /कोसीर ,क्षेत्र में तेज हवा और मौसमी बदलाव के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल गिरकर जमीन पर बिछ गई है, जिससे स्थानीय किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। तस्वीरों में स्पष्ट देखा जा सकता है कि खेतों में बड़े पैमाने पर धान की तैयार फसल धराशायी हो चुकी है। इससे फसल की कटाई में भारी कठिनाई आने के साथ-साथ पैदावार और गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।फसल के अचानक गिरने से किसानों के सामने अब अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित निकालने और संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, धान गिरने का मुख्य कारण तेज हवा, असमय बारिश, मिट्टी में अत्यधिक नमी या अन्य कृषि संबंधी कारण हो सकते हैं, जिसके वास्तविक कारणों की जांच होना अत्यंत आवश्यक है।
प्रशासन और कृषि विभाग से सर्वे की मांग -भुवन महिलाने (महामंत्री, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, कोसीर) ने किसानों की इस गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि फसल नुकसान का सही और सटीक आकलन कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा मौका मुआयना करने के बाद ही संभव है। उन्होंने मांग की है कि:तत्काल निरीक्षण: कृषि विभाग के अधिकारी और राजस्व टीम तुरंत प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर खेतों की वास्तविक स्थिति का जायजा लें।सर्वे और मुआवजा: प्रभावित किसानों के खेतों का पारदर्शी सर्वे कराया जाए और नियमानुसार उन्हें त्वरित सहायता व मुआवजा प्रदान किया जाए।उचित मार्गदर्शन: विशेषज्ञों द्वारा किसानों को इस विपरीत परिस्थिति में फसल को सुरक्षित निकालने के लिए सही कृषि सलाह व मार्गदर्शन दिया जाए।क्षेत्र के किसानों की मेहनत और उनकी आजीविका की सुरक्षा के लिए समय पर विभागीय कार्रवाई और प्रशासनिक सहायता बेहद जरूरी है, ताकि किसानों को इस संकट से राहत मिल सके।

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