February 5, 2026

विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम गांवों की तस्वीर और तकदीर बदलेगामनरेगा से अधिक प्रभावी, पारदर्शी और रोजगार गारंटी देने वाला कानून – रंजना साहू

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बालोद | 08 जनवरी 2026
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण भारत को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025 लाया गया है। यह अधिनियम गांवों के समग्र विकास, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा। यह बात भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती रंजना साहू ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय, जुंगेंरा (बालोद) में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कही।
प्रेस को संबोधित करते हुए श्रीमती साहू ने कहा कि यह अधिनियम किसानों, मजदूरों और गरीब वर्ग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद श्री मोदी ने संसद में अपने पहले संबोधन में ही स्पष्ट कर दिया था कि उनकी सरकार गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित रहेगी। उसी संकल्प के अनुरूप देशभर में बिजली, शौचालय, आवास, जनधन खाते और अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर उतारी गईं।
उन्होंने बताया कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम मनरेगा का उन्नत, अधिक प्रभावी और पारदर्शी स्वरूप है। जहां मनरेगा के अंतर्गत 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं इस नए अधिनियम में ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है, जिससे मजदूरों की आय में स्वाभाविक वृद्धि होगी।
श्रीमती साहू ने कहा कि मजदूरी भुगतान व्यवस्था को भी अधिक मजबूत बनाया गया है। अब मजदूरी का भुगतान सात दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाएगा। यदि किसी कारणवश भुगतान में देरी होती है तो मजदूर को अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जिसे मजदूरी पर ब्याज के रूप में माना जाएगा। इससे मजदूरों के साथ न्याय होगा और वर्षों से चली आ रही भुगतान में देरी की समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा।
उन्होंने खेती-किसानी के हितों की चर्चा करते हुए बताया कि बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक कार्य रोकने का प्रावधान किया गया है, ताकि किसानों को पर्याप्त मजदूर उपलब्ध हो सकें और कृषि कार्य प्रभावित न हों। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन पर रोक लगेगी और कृषि उत्पादन को स्थिरता मिलेगी।
रंजना साहू ने कहा कि मनरेगा के दौरान फर्जी मास्टर रोल, मशीनों के अवैध उपयोग और भ्रष्टाचार जैसी शिकायतें सामने आती थीं, लेकिन यह नया अधिनियम ऐसी अनियमितताओं को स्वतः समाप्त करेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक हितग्राहियों को सीधे लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा—
जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन।
जल संरक्षण, नदी-नालों का सुधार, कटाव रोकना, सिंचाई संरचनाओं का निर्माण और ग्रामीण सड़कों व अधोसंरचना का विकास प्राथमिकता के साथ किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कौशल विकास जैसी गतिविधियों को भी इस अधिनियम के माध्यम से नई मजबूती मिलेगी। ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और पीएम गति शक्ति जैसी राष्ट्रीय योजनाओं को भी इससे गति मिलेगी। यह अधिनियम गांवों में टिकाऊ विकास, स्थायी रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय लिखेगा।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भाजपा प्रदेश मंत्री एवं जिला बालोद प्रभारी श्रीमती संध्या परगनिया, स्काउट गाइड मुख्य राज्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा, भाजपा जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख, पूर्व प्रदेश मंत्री राकेश यादव, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अभिषेक शुक्ला, पूर्व विधायक गुण्डरदेही वीरेंद्र साहू, जिला महामंत्री राकेश छोटू यादव, VB G RAM G जिला संयोजक तोमन साहू, जिला प्रवक्ता जितेंद्र साहू, कार्यालय मंत्री विनोद जैन, मीडिया प्रभारी कमल पनपालिया सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।