बालोद।
जिले के नए बस स्टैंड से दल्लीराजहरा चौक तक करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित नेशनल हाईवे 930 की हालत निर्माण के कुछ ही महीनों बाद खराब होने लगी है। सड़क कई स्थानों पर धंसने लगी है, जिससे आम नागरिकों में चिंता और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
इस मामले को लेकर जनहित के सजग प्रहरी व समाजसेवी उमेश कुमार सेन ने कड़ा विरोध दर्ज करते हुए निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी लागत से बनी सड़क का 4 से 6 महीने के भीतर खराब होना गंभीर जांच का विषय है और यह सीधे-सीधे जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी है।

निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
समाजसेवी उमेश कुमार सेन का कहना है कि सड़क निर्माण में तय मापदंडों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने आशंका जताई कि कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसके कारण सड़क समय से पहले धंस रही है।
ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की मांग
उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये के इस प्रोजेक्ट में यदि शुरुआत में ही सड़क खराब हो रही है, तो संबंधित ठेकेदार की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और उसके खिलाफ कार्रवाई होना जरूरी है।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
उमेश कुमार सेन ने प्रशासन की चुप्पी पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि जिम्मेदार अधिकारी अपनी जवाबदेही से बच रहे हैं।
जनता को हो रही परेशानी
सड़क धंसने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। वाहन चालकों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ रहा है, वहीं सड़क किनारे के व्यापारियों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
समाजसेवी उमेश कुमार सेन ने मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और सड़क की जल्द मरम्मत कराई जाए।
नेशनल हाईवे 930 की खराब स्थिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।








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