May 23, 2026

राजनीति केवल मार्ग नहीं,जनविश्वास की सबसे बड़ी परीक्षा

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सरायपाली : खबर निरीक्षण

सुरोतीलाल लकड़ा,महामंत्री, भाजपा मंडल केदुवां,विधानसभा सरायपाली की कलम से

राजनीति केवल शब्दों का संसार नहीं,यह भावनाओं की जिम्मेदारी है।
यह केवल मंचों की आवाज़ नहीं,बल्कि समाज की हर धड़कन को सुनने की संवेदनशीलता है। राजनीति वह मार्ग नहीं,जहाँ व्यक्ति केवल आगे बढ़ता है,यह वह पथ है जहाँ व्यक्ति दूसरों को साथ लेकर आगे बढ़ना सीखता है।
जिंदगी में बहुत से कार्य कठिन होते हैं,लेकिन राजनीति सबसे अधिक धैर्य,त्याग और आत्मसंयम मांगती है।
क्योंकि यहाँ हर मुस्कान के पीछे उम्मीद होती है,हर हाथ मिलाने के पीछे विश्वास होता है और हर आशीर्वाद के पीछे एक अपेक्षा होती है।
उन अपेक्षाओं को समझना,उन भावनाओं का सम्मान करना और हर परिस्थिति में लोगों के विश्वास को बनाए रखना ही राजनीति की सबसे बड़ी चुनौती है।
राजनीति में व्यक्ति को केवल सुनना नहीं,बल्कि समझना भी पड़ता है। यहाँ केवल निर्णय लेना पर्याप्त नहीं होता,बल्कि हर निर्णय में समाज के हर वर्ग की भावनाओं का ध्यान रखना पड़ता है।
किसी गरीब की चिंता,किसी किसान का संघर्ष,किसी युवा का सपना और किसी बुजुर्ग की अपेक्षा — यही राजनीति की वास्तविक पाठशाला है।
राजनीति में सफलता केवल पद प्राप्त करने से नहीं मिलती,बल्कि लोगों के हृदय में स्थान बनाने से मिलती है।
क्योंकि जनता भाषण भूल सकती है,लेकिन व्यवहार कभी नहीं भूलती।
लोग शब्दों को समय के साथ भूल सकते हैं,लेकिन कठिन समय में दिया गया साथ जीवनभर याद रखते हैं।
एक जनसेवक का जीवन अपने लिए कम और समाज के लिए अधिक होता है।
कई बार आलोचनाएँ मिलती हैं,कई बार परिस्थितियाँ कठिन होती हैं,कई बार संघर्ष उम्मीदों से बड़े दिखाई देते हैं,लेकिन जो व्यक्ति जनसेवा को अपना संकल्प बना लेता है,उसके कदम कभी रुकते नहीं।
राजनीति हमें सिखाती है कि नेतृत्व अधिकार से नहीं,विश्वास से चलता है। सम्मान मांगने से नहीं,सेवा करने से मिलता है और समाज में पहचान नाम से नहीं,कर्मों से बनती है।
राजनीति केवल व्यवस्था बदलने का माध्यम नहीं,बल्कि विश्वास जगाने का अभियान है एवं समाज के अंतिम व्यक्ति तक आशा पहुँचाने का प्रयास है।
यह उस दीपक की तरह है,जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में उजाला करता है।
क्योंकि राजनीति की वास्तविक सुंदरता सत्ता में नहीं,सेवा में होती है और पहचान में नहीं,समर्पण में होती है और सबसे बड़ी बात — राजनीति की वास्तविक शक्ति जनता के विश्वास और जनभावनाओं के सम्मान में होती है।
राजनीति वह दर्पण है,जहाँ व्यक्ति का पद नहीं,उसका चरित्र दिखाई देता है; जहाँ शब्द नहीं,कर्म बोलते हैं,और जहाँ सफलता नहीं,सेवा सबसे बड़ी उपलब्धि होती है l