बालोद। तुएगोंदी मामले को लेकर सर्व आदिवासी समाज अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहा है। समाज ने 28 मई 2026 को बालोद जिला कलेक्टर कार्यालय के घेराव का ऐलान करते हुए जिलेभर में चरणबद्ध बैठकों की शुरुआत कर दी है। इस आंदोलन को व्यापक समर्थन दिलाने के लिए पड़ोसी जिलों धमतरी, कांकेर, राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तक सूचना भेजी गई है।
सर्व आदिवासी समाज जिला बालोद द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि ग्राम तुएगोंदी में बिना अनुमति पारंपरिक सीमा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों को लेकर समाज में भारी नाराजगी है। समाज का आरोप है कि इस विषय पर पूर्व में कलेक्टर को ज्ञापन देकर अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
समाज के जिला अध्यक्ष तुकाराम कोर्राम के नेतृत्व में 20 मई को हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि यदि संबंधित कार्यक्रमों को स्थगित नहीं किया गया तो 28 मई, गुरुवार को जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने विशाल धरना-प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा।
आंदोलन को सफल बनाने के लिए 24 और 25 मई को जिले के विभिन्न ब्लॉकों—डौंडी, दल्लीराजहरा, बालोद, अर्जुंदा, गुंडरदेही और गुरुर में बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में तहसील, ब्लॉक और जिला स्तर के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
समाज ने साफ कहा है कि यह केवल एक गांव का मुद्दा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की परंपरा, अधिकार और स्वाभिमान से जुड़ा मामला है। इसी वजह से अब “बालोद चलो” का नारा देते हुए समाज के लोग बड़ी संख्या में जुटने की तैयारी में हैं।








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