June 3, 2026

स्वामी आत्मनंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी/अंग्रेजी माध्यमिक विद्यालय भवंरपुर में नकल को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा

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महासमुंद : खबर निरीक्षण

आदिवासी छात्रा कु.नीता जगत को न्याय दिलाने,दोषी शिक्षकों पर उचित कठोर कार्यवाही करने एवं शिक्षा विभाग द्वारा की गई पक्षपातपूर्ण कार्यवाही की निष्पक्ष जांच कराने के लिए भीम आर्मी भारत एकता मिशन इकाई महासमुंद द्वारा दिनांक 1 जून 2026 दिन सोमवार को महासमुंद में ज्ञापन सौंपा गया l
शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला को कु.नीता जगत ने भीम आर्मी भारत एकता मिशन इकाई महासमुंद को लिखित में आवेदन दिया गया l
आवेदन के अनुसार छात्रा 12 वीं बोर्ड परीक्षा केंद्र स्वामी आत्मनंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी/अंग्रेजी माध्यमिक विद्यालय भवंरपुर में था,जहां परीक्षा के दौरान कुछ शिक्षकों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा मिलीभगत कर छात्रों को चिट एवं उत्तर बताकर नकल करवाई जा रही थी जिसका विरोध करते हुए छात्रा द्वारा प्रमाण स्वरूप वीडियो बनाकर संबंधित विभाग जनदर्शन महासमुंद में शिकायत किया गया l लेकिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण विषय है कि शिक्षा विभाग द्वारा दोषी शिक्षकों एवं पर्यवेक्षकों पर नकल करवाने,परीक्षा की निष्पक्षता भंग करने और अपने पद का दुरूपयोग करने जैसे गंभीर आरोप पर ठोस कार्यवाही नहीं की गई है l
वही जारी की गई निलंबन आदेश में परीक्षा केंद्र में छात्रा के द्वारा कैमरा लेकर पहुंचने को प्रमुख कारण बताया गया है जबकि मूल कारण शिक्षकों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा संगठित रूप से छात्रों को चिट बताकर लिखवाना इन पर अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है l
कार्यवाही स्पष्ट रूप से पक्षपातपूर्ण ,अन्यायपूर्ण एवं शिकायतकर्ता छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाली प्रतीत होती है l
शिकायत उजागर करने वाली छात्रा को अप्रत्यक्ष रूप से दोषी ठहराने का प्रयास किया जा रहा है,जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है और आने वाले भविष्य में भ्रष्टाचार,अनियमितता के विरुद्ध आवाज उठाने वाले छात्रों का मनोबल टूट जाएगा l
विशेष रूप से यह मामला अत्यंत संवेदनशील इसलिए है क्योंकि संबंधित छात्रा एक नाबालिक आदिवासी छात्रा है,जिसे शिकायत के बाद उसे मानसिक दबाव,भय एवं असुरक्षा का वातावरण महसूस कराया जाना,संविधान प्रदत्त अधिकारों और बाल संरक्षण कानूनों की भावना के विपरीत है l
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 सभी नागरिकों को समानता का अधिकार प्रदान करता है l
अनुच्छेद 15 जाति एवं जन जाति के आधार पर भेदभाव को प्रतिबंधित करता है l
अनुच्छेद 19(1)(a) प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है तथा अनुच्छेद 21 प्रत्येक व्यक्ति को गरिमापूर्ण एवं सुरक्षित जीवन का अधिकार प्रदान करता है l
इसके अतिरिक्त अनुसूची जाति एवं अनुसूचित जनजाति(अत्याचार निवारण)अधिनियम 1989 के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग की छात्रा को प्रताड़ित करना,भयभीत करना अथवा शिकायत वापस लेने हेतु दबाव बनाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है और वही किशोर न्याय(बालकों की देखरेख संरक्षण) अधिनियम 2015 के अंतर्गत किसी नाबालिक छात्रा को मानसिक उत्पीड़न अथवा भय का वातावरण देना बाल अपराधों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है l
भीम आर्मी भारत एकता मिशन जिला इकाई महासमुंद द्वारा शासन प्रशासन से मांग करती है:-
1,पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए l
2,परीक्षा के दौरान नकल कराने वाले दोषी शिक्षक एवं पर्यवेक्षक पर कठोर संवैधानिक कार्यवाही एवं बर्खास्त की कार्यवाही किया जाए l
3,छात्रा कु.नीता जगत को सुरक्षा प्रदान करने हुए मानसिक प्रताड़ना एवं दबाव से संरक्षण दिया जाए l
4,शिक्षा विभाग द्वारा जारी निलंबन आदेश एवं उसमें अंकित तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए l
5,छात्रा को प्रताड़ित करने,भयभीत करने अथवा दबाव बनाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम कानून के तहत उचित कार्यवाही किया जाए l
6,नाबालिक छात्रा के अधिकारों की रक्षा हेतु जिला बाल संरक्षण इकाई एवं संबंधित विभाग से आवश्यक हस्तक्षेप कराए जाए l
7,भविष्य में परीक्षा केंद्रों में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु सख्त दिशा-निर्देश जारी किया जाए l
उक्त मामले में शीघ्र न्यायपूर्ण कार्यवाही नहीं की जाती है तो भीम आर्मी भारत एकता मिशन इकाई महासमुंद लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने हेतु बाध्य होगा,जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी l