सारंगढ़ बिलाईगढ़ -राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत दृष्टि हीनता के बचाव के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का एक हिस्सा जो नेत्र दान पखवाड़ा प्रत्येक वर्ष 25 अगस्त से 08 सितम्बर तक के बीच मनाया जाता है। यह अभियान लोगों को जागरूक करने के लिए किया जाता है। आज 31 अगस्त 26 को यह कार्यक्रम श्रीमती पदमिनी साहू भोई जी कलेक्टर जिला सारंगढ़ – बिलाइगढ़ के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ0 पुष्पेन्द्र वैष्णव जी के मार्गदर्शन में एवं डॉ आर एल सिदार जी खण्ड चिकित्सा अधिकारी सारंगढ़ के कुशल मार्ग दर्शन में स्वास्थय केन्द्र गोड़म के अंतर्गत हायर सेकेंडरी स्कूल गुड़ेली में सम्पन्न हुवा। डॉ प्रीतम राज कुर्रे नेत्र विशेषज्ञ एवम् नोडल अन्धत्व जिला सारंगढ़ बिलाईगढ ने गुड़ेली स्कुल के छात्र छात्राओं एवम शिक्षको को नेत्रदान – महादान के बारे में विस्तार से चर्चा कर बताया विस्तृत जानकारी दिया गया। जैसा की हमारे नेत्रदान करने से दो दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी आ सकती है। सामान्यतः 05 से 60 वर्ष की हर व्यक्ति की आंखे दान के उपयुक्त होती है। ऐसे विषम परिस्थितियों जैसे – रेबीज, टिटनस, एडस, ब्लड कैंसर, आंखों का कैंसर, सेप्टीसीमिया, हेपेटाइटिस, सिफलिस, तपेदिक, लेप्रोसी, डायबिटीज, सर्पदंश,जहर खुरानी, जल कर मरने एवं पानी मे डूबकर मृत्यु होने से आंखे दान के उपयुक्त नही होते। नेत्र दान केवल मृत्यु के तुरंत बाद किया जाता है।
नेत्र दान का लाभ कैसे लें – कार्नियल ओपेसिटी के मरीज का नेत्र विशेषज्ञ से परीक्षण करने से पता चलता है कि नेत्र दान का लाभ मिल सकता है या नही। इसके लिए तीन बाते आवश्यक है – परीक्षण, पंजीयन, प्रतीक्षा। नेत्र दान की प्रक्रिया मृत्यु के महज छः घंटे के भीतर पूरी हो जानी चाहिए। नेत्र के कॉर्निया वाला भाग निकाले जाने से चेहरे में किसी प्रकार की विकृति नही आती, बल्कि ये नेत्र के भाग (कॉर्निया) किसी भी जरूरतमंद दृष्टिहीन की आँखों मे रोशनी भरकर मुस्कुराते हैं। समाज मे अधिक से अधिक लोगों को आंखों की दान किये जाने हेतु यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही आर बी एस के टीम के डॉ बबीता पटेल ने चिरायु में दि जाने वाली सुविधएं के बारे में बताए । तथा स्वास्थ्य शिक्षा दिया गय। छात्र छात्राओं कोक बीच प्रश्नोत्तरी का कार्यक्रम कराया जिसमें बताने वाले पांच छात्रों पुरस्कारों से सम्मानित प्राथमिक स्वास्थय केंद्र गोड़म द्वारा किया गया । प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोड़म के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ओम प्रकाश कुर्रे, डॉ बबीता पटेल डॉ प्रभा सारथी डॉ नम्रता मिंज आयुष चिकित्सा अधिकारी व चिरायु टीम के समस्त स्टाफ गीता कुमार मनहर (नेत्र सहायक अधिकारी – गोड़म), एवं हायर सकेण्डरी स्कूल के प्राचार्य व सभी स्टाफ का सहयोग रहा।

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