रायगढ़ जिले में हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति के विस्तार की जिम्मेदारी; डॉ. मनीषा त्रिपाठी को जिला संयोजक और डॉ. माधुरी त्रिपाठी को महासचिव, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ का दायित्व
रायगढ़। हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार को नई दिशा देने के उद्देश्य से विश्व हिंदी परिषद द्वारा संगठनात्मक विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में डॉ. मनीषा त्रिपाठी और डॉ. माधुरी त्रिपाठी को महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। परिषद की ओर से 21 अक्टूबर 2026 को जारी मनोनयन पत्र के अनुसार, डॉ. मनीषा त्रिपाठी को विश्व हिंदी परिषद, जिला रायगढ़ का संयोजक तथा डॉ. माधुरी त्रिपाठी को जिला रायगढ़ में महासचिव, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के पद पर मनोनीत किया गया है। इन नियुक्तियों से जिले में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्यिक गतिविधियों और सांस्कृतिक चेतना के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है।

डॉ. मनीषा त्रिपाठी को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सहभागिता का आमंत्रण
डॉ. मनीषा त्रिपाठी के लिए संगठनात्मक जिम्मेदारी के साथ एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। विश्व हिंदी परिषद ने उन्हें नई दिल्ली में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी : हिंदी, राष्ट्रवाद और सुशासन’ में प्रतिभागी के रूप में आमंत्रित किया है। परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. बिपिन कुमार द्वारा 21 अक्टूबर 2026 को जारी आमंत्रण पत्र में बताया गया है कि डॉ. मनीषा त्रिपाठी का शोध-सारांश प्राप्त हो चुका है। उनके शोध और विषय से संबंधित अनुभवों को ध्यान में रखते हुए उन्हें सम्मेलन में सहभागिता का अवसर दिया गया है।
अटल बिहारी वाजपेयी जी के हिंदी-प्रेम और सुशासन पर होगा विमर्श
30 और 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के हिंदी-प्रेम, राष्ट्रवाद, सुशासन तथा उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विचार-विमर्श किया जाएगा। डॉ. मनीषा त्रिपाठी इस अवसर पर अपने विचार और संस्मरण प्रस्तुत कर सकेंगी। परिषद ने उनसे शोध-पत्र की अंतिम प्रति निर्धारित समय के भीतर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। यह सम्मेलन हिंदी भाषा के महत्व, राष्ट्रीय चेतना और सुशासन के मूल्यों पर विचार साझा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच होगा।

डॉ. माधुरी त्रिपाठी को सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के विस्तार का दायित्व
डॉ. माधुरी त्रिपाठी को विश्व हिंदी परिषद, जिला रायगढ़ के महासचिव, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के पद पर मनोनीत किया गया है। इस दायित्व के माध्यम से उनसे जिले में हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा परिषद के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा है। सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के माध्यम से साहित्यिक आयोजनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भारतीय भाषाओं एवं परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने जैसे प्रयासों को बल मिल सकता है। परिषद ने उनके सहयोग और समर्पित योगदान पर विश्वास व्यक्त किया है।
हिंदी को विश्वभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करना परिषद का लक्ष्य
विश्व हिंदी परिषद हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और भारतीय भाषाओं के समन्वय के माध्यम से हिंदी को विश्वभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से कार्यरत वैश्विक संस्था है। परिषद लोकमंगल, सर्वकल्याण, भारतीय संस्कृति के उन्नयन और भाषाई एकता की भावना के साथ देश-विदेश में अपनी गतिविधियां संचालित कर रही है। संगठन का उद्देश्य नई पीढ़ी में भारतीय मूल्यों का संचार करना, शोधपरक साहित्य को प्रोत्साहित करना तथा हिंदी के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता को मजबूत करना है। रायगढ़ जिले में डॉ. मनीषा त्रिपाठी और डॉ. माधुरी त्रिपाठी को सौंपी गई जिम्मेदारियां इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा संगठन
विश्व हिंदी परिषद के मुख्य संरक्षक श्री इंद्रेश कुमार, वरिष्ठ प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हैं। परिषद के संरक्षक श्री अजय कुमार मिश्र, पूर्व गृह राज्यमंत्री भारत सरकार हैं। राष्ट्रीय संयोजक डॉ. दिनेश शर्मा राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री हैं। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य यार्लगड्डा लक्ष्मी प्रसाद पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित हैं तथा पूर्व राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री देवी प्रसाद मिश्र और डॉ. उमेश शर्मा भी परिषद में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। वहीं, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. बिपिन कुमार राष्ट्रवादी विचारक, वरिष्ठ स्तंभकार एवं लेखक हैं तथा भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति से जुड़े हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में परिषद अपने संगठनात्मक विस्तार और हिंदी भाषा से संबंधित गतिविधियों को आगे बढ़ा रही है।
छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक विस्तार को मिल रही गति
छत्तीसगढ़ में विश्व हिंदी परिषद की प्रांतीय इकाई साहित्य, संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक कल्याण से संबंधित गतिविधियों को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश संयोजक डॉ. विनय कुमार पाठक के बौद्धिक मार्गदर्शन और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संगीता बनाफर के सक्रिय नेतृत्व में संगठन का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में मुंगेली जिले में भी नई नियुक्तियां की गई हैं। डॉ. सत्यनारायण तिवारी को जिला अध्यक्ष, शैक्षणिक प्रकोष्ठ, मुंगेली तथा डॉ. दिलीप सिंह राजपूत को जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों से जिले में हिंदी भाषा, साहित्य और शैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान का अवसर
30 और 31 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ‘भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी : हिंदी, राष्ट्रवाद और सुशासन’ विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की सहभागिता भी महत्वपूर्ण रहेगी। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संगीता बनाफर के नेतृत्व में प्रदेश की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय मंच पर अपने विचार रखने और हिंदी के विकास से संबंधित विमर्श में भाग लेने का अवसर मिलेगा। डॉ. मनीषा त्रिपाठी को मिला आमंत्रण रायगढ़ जिले की ओर से भी इस बौद्धिक आयोजन में सहभागिता का महत्वपूर्ण अवसर है।
नवनियुक्त पदाधिकारियों से सक्रिय योगदान की अपेक्षा
विश्व हिंदी परिषद ने दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों से संगठन के उद्देश्यों और परंपराओं के अनुरूप कार्य करने तथा हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय सहयोग देने की अपेक्षा की है। परिषद का विश्वास है कि डॉ. मनीषा त्रिपाठी और डॉ. माधुरी त्रिपाठी अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए रायगढ़ जिले में साहित्यिक, सांस्कृतिक और भाषाई गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में योगदान देंगी।
जनप्रतिनिधियों और साहित्यकारों ने दी शुभकामनाएं
विश्व हिंदी परिषद में संगठनात्मक जिम्मेदारियां मिलने पर डॉ. मनीषा त्रिपाठी और डॉ. माधुरी त्रिपाठी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन नियुक्तियों पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, डॉ. विनय कुमार पाठक सहित परिषद के पदाधिकारियों और साहित्यकारों ने हर्ष व्यक्त करते हुए नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।
दोनों नियुक्तियों से रायगढ़ जिले में हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति से संबंधित गतिविधियों को संगठित रूप से आगे बढ़ाने की उम्मीद है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. मनीषा त्रिपाठी एवं डॉ.माधुरी त्रिपाठी की सहभागिता से जिले को राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले साहित्यिक और बौद्धिक विमर्श से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

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