सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़), 30 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले पीएमश्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बरमकेला में छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार, प्रताड़ना और अमर्यादित आचरण का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए लोक शिक्षण संचालनालय और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय द्वारा विद्यालय के तीन शिक्षकों के खिलाफ निलंबन और सेवा समाप्ति की बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
जांच समिति की रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है, जिसने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
1. व्याख्याता दयासागर चौहान तत्काल प्रभाव से निलंबित
आरोप: छात्राओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना, अपमानजनक व अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करना।
लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, व्याख्याता श्री दयासागर चौहान के विरुद्ध विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं के साथ अपमानजनक और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत मिली थी। 27 अक्टूबर 2026 को विद्यालय की महिला उत्पीड़न एवं लैंगिक सुरक्षा समिति द्वारा की गई जांच में इन आरोपों की पुष्टि हुई।
इसे अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और नैतिक पतन मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के उल्लंघन के तहत दयासागर चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सारंगढ़-बिलाईगढ़ नियत किया गया है।

2. सहायक शिक्षक ठाकुर राम चौहान भी हुए सस्पेंड
आरोप: छात्राओं को अनुचित दृष्टि से देखना, सीटी बजाना और फब्तियां कसना।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी एक अन्य निलंबन आदेश के मुताबिक, विद्यालय के सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) श्री ठाकुर राम चौहान पर छात्राओं ने अनुचित दृष्टि से देखने, अनावश्यक समीप आने का प्रयास करने, सीटी बजाने और गाना गाते हुए गुजरने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। 12वीं कक्षा की छात्राओं द्वारा 13 अक्टूबर 2026 को की गई लिखित शिकायत के बाद 5 सदस्यीय जांच समिति ने 16 अक्टूबर को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें छात्राओं ने अपने बयानों में इन व्यवहारों से असहजता व्यक्त की थी।
यद्यपि शिक्षक चौहान ने अपने स्पष्टीकरण में इन आरोपों से इनकार किया था, लेकिन विभागीय जांच लंबित रखते हुए छात्राओं की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच के लिए ठाकुर राम चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इनका मुख्यालय विकासखंड कार्यालय बरमकेला नियत किया गया है।

3. व्यावसायिक शिक्षक हरीश चंद्राकर की सेवा समाप्ति की अनुशंसा
आरोप: शराब पीकर स्कूल आना, छात्राओं को गलत नजर से देखना और दुर्व्यवहार।
कार्रवाई के तीसरे मामले में, विद्यालय के व्यावसायिक शिक्षक श्री हरीश चंद्राकर के खिलाफ भी छात्राओं ने गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थीं। उन पर छात्राओं को अनुचित दृष्टि से देखने, उनके पास आने का प्रयास करने तथा शिक्षक दिवस (5 सितंबर) के दिन शराब पीकर स्कूल आने और दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
जांच समिति द्वारा 27 अक्टूबर 2026 को सौंपी गई रिपोर्ट में इन आरोपों को सही पाया गया। चूंकि हरीश चंद्राकर एक प्लेसमेंट कंपनी (NITCON Limited) के माध्यम से अनुबंधित हैं, इसलिए जिला शिक्षा अधिकारी ने कंपनी के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर हरीश चंद्राकर की सेवा तत्काल समाप्त करने (सेवा-समाप्ति आदेश जारी करने) की अनुशंसा की है। इसके साथ ही, अंतरिम अवधि में उन्हें छात्राओं के प्रत्यक्ष शिक्षण व पर्यवेक्षण कार्य से दूर रखने के लिए विकासखंड कार्यालय बरमकेला में संलग्न कर दिया गया है।

विभाग का सख्त संदेश: छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि
पीएमश्री स्वामी आत्मानंद स्कूल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में एक साथ तीन शिक्षकों पर इस तरह की गंभीर कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी इन आदेशों ने साफ कर दिया है कि शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और शैक्षणिक वातावरण से समझौता करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन की इस अवधि के दौरान इन शिक्षकों पर नियमानुसार अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी।

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