क्या समझाइश का हो पाएगा असर ?
बिलाईगढ़ – सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बगलोटा क्षेत्र में इसलिए जाना जाता है क्योंकि यहां बड़ी मात्रा में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाई जाती है। क्षेत्र से छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग के जुबान में बगलोटा नाम इसलिए आता है क्योंकि यहां बिना खौफ के खुलेआम 15 से 20 लोगों के द्वारा अवैध कच्ची महुआ शराब घर और बाड़ी में निर्मित कर आसपास के सभी गांव में बड़ी मात्रा में सप्लाई किया जाता है।

कई बार शिकायत के बाद आखिरकार आबकारी विभाग और पुलिस विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से गांव में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में बैठक ली और इस गांव को कच्ची महुआ शराब बनाने के नाम से जानने वाले नाम का कलंक मिटाने का मुहिम छेड़ा लेकिन सवाल यही है कि यह मुहिम काम करेगा कि नहीं ? क्या शराब बनाने वाले लोग समझाइएश से मान जाएंगे या उन पर कड़ी कार्यवाही करने की आवश्यकता पड़ सकता है ?

आबकारी विभाग के अधिकारियों ने कहा कि लगातार शिकायत मिल रही थी जिसके बाद गांव में सरपंच, पूर्व सरपंच, भूतपूर्व सरपंच, कोटवार, गांव के पंचगण, सचिव एवं वरिष्ठ नागरिकों के समक्ष बैठक लेकर शराब बनाने और बिक्री करने में जिन लोगों के नाम सामने आए थे उनको बुलाकर कड़ी समझाइए दिया गया है अगर इस समझाइश के बावजूद भी वह नहीं मानते हैं तो एक सप्ताह के भीतर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी अब देखने वाली बात होगी कि एक सप्ताह में क्या शराब बनाने वाले लोग इस गांव को कच्ची महुआ शराब बनाने के नाम से जानने का कलंक मिटा पाएंगे ? या पुनः शराब बनाकर क्षेत्र के लोगों को जहर परोशने का काम करते रहेंगे ।









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