July 30, 2026

4 और 5 अगस्त को प्रभावित हो सकती है स्वामी आत्मानंद विद्यालयों की व्यवस्था, सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित पूरे छत्तीसगढ़ के संविदा शिक्षक-कर्मचारी रहेंगे दो दिवसीय हड़ताल पर

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कलेक्टर, एसपी, विधायक एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दी गई हड़ताल की लिखित सूचना, संविलियन, वेतन वृद्धि और सेवा सुरक्षा सहित कई मांगों को लेकर करेंगे आंदोलन

बरमकेला। प्रदेश की महत्वाकांक्षी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना में कार्यरत संविदा शिक्षक एवं कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ द्वारा 4 एवं 5 अगस्त 2026 को दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की घोषणा की गई है। हड़ताल का असर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले सहित पूरे प्रदेश के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालयों में देखने को मिल सकता है। बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने की संभावना के चलते दो दिनों तक विद्यालयों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।

संघ द्वारा हड़ताल की लिखित सूचना जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी), क्षेत्रीय विधायक, जिला शिक्षा अधिकारी तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को सौंप दी गई है। संघ का कहना है कि पिछले कई वर्षों से संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शासन एवं प्रशासन के समक्ष लगातार ज्ञापन प्रस्तुत करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद वे आज भी सेवा सुरक्षा और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में कार्य करने को मजबूर हैं।

ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

संघ द्वारा जारी हड़ताल सूचना पत्र के अनुसार कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में—

समस्त संविदा शिक्षक एवं कर्मचारियों का शिक्षा विभाग में संविलियन।

वेतन वृद्धि एवं उचित वेतनमान की व्यवस्था।

सेवा सुरक्षा एवं पेंशन संबंधी लाभ प्रदान करना।

सभी संविदा कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 50 लाख रुपये का बीमा लागू करना।

मध्यप्रदेश सरकार की तर्ज पर संविदा नियुक्ति नियम लागू करना।

संविदा कर्मचारियों के लिए स्पष्ट एवं स्थायी सेवा नीति का निर्माण करना।

संघ का कहना है कि इन मांगों को लेकर कई बार शासन एवं प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा भी की गई, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मचारियों का मानना है कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान किया जाता, तो उन्हें आंदोलन का रास्ता नहीं अपनाना पड़ता।

दो दिनों तक प्रभावित हो सकती हैं विद्यालयों की गतिविधियां

4 एवं 5 अगस्त को प्रस्तावित इस दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का सीधा असर प्रदेशभर के स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में देखने को मिल सकता है। यदि बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी हड़ताल में शामिल होते हैं, तो नियमित शिक्षण कार्य के साथ-साथ विद्यालयों के प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं। विद्यार्थियों की कक्षाएं, कार्यालयीन कार्य एवं अन्य दैनिक गतिविधियों पर इसका असर पड़ना लगभग तय माना जा रहा है।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में भी शिक्षक एवं कर्मचारी आंदोलन में शामिल होंगे। ऐसे में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को दो दिनों तक विद्यालयी गतिविधियों में संभावित बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।

वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर टिकी निगाहें

हड़ताल की घोषणा के बाद अब विद्यार्थियों, अभिभावकों और आमजन की निगाहें जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग पर टिकी हुई हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि हड़ताल के दौरान विद्यालयों में शिक्षण कार्य एवं अन्य व्यवस्थाओं का संचालन किस प्रकार किया जाएगा। वर्तमान में स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में बड़ी संख्या में संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी कार्यरत हैं। यदि अधिकांश कर्मचारी हड़ताल में शामिल होते हैं, तो विद्यालयों का नियमित संचालन चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

हालांकि, हड़ताल के दौरान किसी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर अभी तक शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े से मिले संविदा कर्मचारी

दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा से पूर्व स्वामी आत्मानंद विद्यालयों के संविदा शिक्षक एवं कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े से मुलाकात कर अपनी विभिन्न मांगों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने संविलियन, वेतन वृद्धि, सेवा सुरक्षा, पेंशन, बीमा सहित अन्य लंबित मांगों को विधायक के समक्ष विस्तारपूर्वक रखा।

विधायक ने कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा तथा संबंधित विभाग और सरकार के समक्ष इस विषय को प्रमुखता से रखा जाएगा।

शासन के अगले कदम पर टिकी हैं निगाहें

प्रदेश की महत्वाकांक्षी शिक्षा योजना से जुड़े हजारों संविदा शिक्षक एवं कर्मचारियों द्वारा हड़ताल की घोषणा के बाद अब सभी की निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि फिलहाल यह दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल है, जिसका उद्देश्य शासन का ध्यान उनकी न्यायोचित मांगों की ओर आकर्षित करना है। यदि इसके बाद भी उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो आंदोलन को आगामी दिनों में और व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है।

हड़ताल सूचना सौंपने के दौरान स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ के सदस्य उपस्थित रहे।

“4 एवं 5 अगस्त को प्रदेशभर के स्वामी आत्मानंद विद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारी संघ के सदस्य अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। यदि हमारी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की जाती है, तो आगे आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।”
कुलदीप खटर्जी
जिला अध्यक्ष
स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ सारंगढ़ बिलाईगढ़