बालोद। जिले में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल के तहत पाकरभाट स्थित निःशुल्क आवासीय कोचिंग संस्थान का कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान की शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लेते हुए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने शिक्षा विभाग, संस्थान प्रबंधन तथा शिक्षक–शिक्षिकाओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समयावधि में पाठ्यक्रम पूर्ण कराया जाए और पढ़ाई की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी की अनुमति के बिना किसी शिक्षक का अवकाश स्वीकृत न किया जाए तथा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही अवकाश दिया जाए, ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।

कलेक्टर ने कक्षाओं में पहुँचकर विद्यार्थियों से संवाद किया और विषयवार अध्ययन की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही शिक्षकों से अब तक की पढ़ाई, आगामी कार्ययोजना और शिक्षण रणनीतियों पर चर्चा की। विद्यार्थियों से भोजन, अल्पाहार एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में भी फीडबैक लिया गया और उनकी रुचि के अनुरूप संतुलित मेन्यू बनाए रखने के निर्देश दिए।
छात्रावास निरीक्षण के दौरान स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने पर जोर देते हुए अधिकारियों को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, प्रत्येक कमरे में टेबल–कुर्सी उपलब्ध कराने तथा कन्या छात्रावास में पर्याप्त सेनेटरी नैपकिन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त संस्थान में शिक्षकों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगाने के निर्देश भी दिए गए।
जिला प्रशासन की इस पहल को ग्रामीण अंचल के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में पहचान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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