सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले की ग्राम पंचायतों में इन दिनों बढ़ती कमीशन दर को लेकर सरपंचों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। सरपंचों का कहना है कि पिछले एक पंचवर्षीय कार्यकाल से लगातार कमीशन की दर बढ़ता जा रहा है, जिससे विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ता दिखाई दे रहा है।जानकारी के अनुसार, नाम ना छापने की शर्त पर कई पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया की पंचायतों को मिलने वाले निर्माण और विकास कार्यों में अब पहले की तुलना में अधिक “कमीशन” मांगा जा रहा है। इससे न सिर्फ योजनाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि कई सरपंच काम लेने से भी पीछे हटने लगे हैं।
सरपंच चुनाव लड़कर कर्ज मे डूबे है,,, और अब कमिशन से काम लाकर डूबते जा रहे
सूत्र की माने तो सरपंचों का आरोप है कि बढ़ती कमीशन व्यवस्था के कारण पंचायतों को पर्याप्त काम भी नहीं मिल पा रहा है। कई योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाती हैं या फिर अधूरी ही छोड़ दी जाती हैं, जिससे गांव के विकास की रफ्तार धीमी पड़ गई है। आपको बता दे सरपंच का कई लेवल है जिसमे राजनीति और धन बल भी काफ़ी मायने रखता है कुछ सरपंच धन बल और राजनिती से समृद्ध है तो कुछ मध्यम तो कुछ ऐसे भी सरपंच है जो उससे भी निचे है जिसकी वजह से हर पंचायत का सरपंच बढ़ते कमिशन की वजह से ठीक से काम नहीं कर पा रहे है जो सक्षम है ओ हाथ पाव मार काम लाकर करा रहा लेकिन परेशान तो ओ भी है लेकिन सबसे ज्यादा ऐसे ग्राम पंचायत है जो दोनों मे सक्षम नहीं ओ मजबूर है खाली बैठने मे जिससे गांव का विकास कार्य प्रभावित हो रहा साथ ही सरपंच की छवि काम न ला पाने और न कर पाने की बन रही है और जिन्होंने कर्ज लेकर कराया उसके बाद और कमिशन देकर काम ला पाने या कराने मे अब हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है
सरपंचों की पीड़ा: ना जाने कब लगेगा नैईया पार
अगर कमीशन का दबाव ऐसे ही बढ़ता रहा, तो पंचायत चलाना मुश्किल हो जाएगा। विकास कार्य करना तो दूर, योजनाओं को शुरू करना भी चुनौती बन गया है।स्थानीय और पंचायत स्तर पर यह मुद्दा अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। सरपंचों ने प्रशासन से मांग की है कि इस व्यवस्था पर लगाम लगाई जाए और पंचायतों को बिना दबाव के काम करने का मौका दिया जाए लेकिन पंचायत सामने आकर इसका खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे क्योंकि उन्हें यह भी डर है की अगर सिस्टम के खिलाफ बगावत करेगा तो उन्हें आगे कई तरह की समस्याओ का सामना करना पड़ेगा इसलिए बस ये उनकी पीड़ा बस चर्चाओ मे चल रहा








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