बालोद/रायपुर
“जहां सेवा है, वहीं संगठन की असली पहचान है…” — इस सोच को जमीन पर उतारते हुए विश्व हिंदू परिषद, जिला बालोद की टीम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सच्ची सेवा सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि कर्मों में दिखती है।बालोद जिले का एक मासूम, महज 4 साल का नादित्य पाथरे, गंभीर चोटों के चलते जिंदगी की जंग लड़ रहा था। परिवार बेबस था, हालात कठिन थे, लेकिन इसी मुश्किल घड़ी में समाज ने जो एकजुटता दिखाई, उसने उम्मीद की नई किरण जगा दी।
सोशल मीडिया के जरिए की गई एक भावुक अपील ने लोगों के दिलों को छू लिया। देखते ही देखते हर वर्ग के लोग आगे आए और ₹1,45,000 की राशि जुटा ली गई। यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं थी, बल्कि यह समाज की संवेदनशीलता और एकता का जीवंत उदाहरण बन गया।

22 अप्रैल को विहिप बालोद के पदाधिकारी — जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता, उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल और कोषाध्यक्ष राजेश सोनी — रायपुर के एम.आर. हॉस्पिटल पहुंचे। वहां उन्होंने डॉक्टरों से बच्चे के इलाज की जानकारी ली, परिवार से मुलाकात की और हिम्मत बढ़ाई । साथ ही, पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ एकत्रित राशि परिवार को सौंप दी।
इस पूरे प्रयास का सबसे सुकून देने वाला पहलू यह रहा कि डॉक्टरों के अनुसार नन्हा नादित्य अब तेजी से ठीक हो रहा है। जल्द ही उसके स्वस्थ होकर घर लौटने की उम्मीद जताई गई है। यह खबर सुनते ही हर उस व्यक्ति के चेहरे पर संतोष झलक उठा, जिसने इस मुहिम में अपना योगदान दिया था।
विहिप जिला सह मंत्री उमेश कुमार सेन ने बताया कि यह अभियान सिर्फ धन संग्रह तक सीमित नहीं था। यह समाज में सेवा, एकता और मानवीय मूल्यों को जागृत करने का प्रयास था। उन्होंने कहा कि बिना किसी भेदभाव के जिस तरह लोगों ने साथ दिया, वह अपने आप में एक प्रेरणादायक मिसाल है।उन्होंने सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आपका छोटा-सा सहयोग किसी के जीवन में नई उम्मीद बनकर आया है। यही सच्ची सेवा है, यही इंसानियत है।”यह घटना सिर्फ एक मदद की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक संदेश भी है —
अगर समाज एकजुट हो जाए, तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती।अब जरूरत है इस भावना को आगे बढ़ाने की…
हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचाने की…
ताकि कोई भी इंसान मजबूरी में अकेला न पड़े।








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