सारंगढ़। जिले की सबसे बड़ी आबादी वाले स्वास्थ्य केंद्र का हाल इन दिनों बदहाल है। उप स्वास्थ्य केंद्र बंजारी, जिसके तहत 11 गांव और लगभग 14 हजार की बड़ी आबादी आती है, वर्तमान में केवल एक महिला ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (RHO) के भरोसे चल रहा है। आलम यह है कि इतने बड़े क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा ढांचा चरमरा गया है।हैरानी की बात यह है कि इस पूरे क्षेत्र में सर्वाधिक कुष्ठ और टीबी के मरीज चिन्हित हैं। ऐसे संवेदनशील मरीजों की नियमित देखभाल, दवा वितरण और फॉलो-अप के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण और सामान्य मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी भी इसी अकेले कर्मचारी के कंधों पर है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े क्षेत्र और मरीजों की संख्या को देखते हुए एक कर्मचारी का हर जगह पहुंच पाना और समय पर इलाज उपलब्ध कराना असंभव साबित हो रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग इस ओर आंखें मूंदे बैठा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उप स्वास्थ्य केंद्र बंजारी में तत्काल अतिरिक्त डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की पदस्थापना की जाए, ताकि लोगों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।








More Stories
स्वामी आत्मानंद स्कूल गोडम में एक दिवसीय यातायात जागरूकता अभियान का किया गया आयोजन।
शैक्षिक गुणवत्ता व विद्यालयों के सुव्यवस्थित संचालन हेतु संकुल चांदमारी में हुई मासिक बैठक
ओपी जी जो कहते हैं,वो करके दिखाते हैं : चूड़ामणि पटेल