September 3, 2026

सारंगढ़ ब्लॉक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष जोर

खबर शेयर करें

29 बिंदुओं पर हुई समीक्षा, प्राचार्यों एवं शैक्षिक समन्वयकों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

सारंगढ़- 2 सितंबर 2026 को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की संवेदनशील कलेक्टर महोदया श्रीमती पद्मिनी भोई साहू जी के निर्देश के परिपालन में बुधवार को दोपहर 2 बजे सेजस विद्यालय सारंगढ़ के सभाकक्ष में विकासखंड सारंगढ़ शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संवेदनशील एवं कर्तव्यनिष्ठ जिला शिक्षा अधिकारी  जे. आर. डहरिया ने की।
बैठक में जिला समग्र शिक्षा प्रभारी अधिकारी  नरेश चौहान, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सारंगढ़ श्रीमती सोमा सिंह ठाकुर, सहायक विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी  रवि कुमार डोंगरे , जिला नोडल अधिकारी  राम कुमार कोशले,  रामेश्वर जांगड़े सहित विकासखंड सारंगढ़ के संकुल प्राचार्य एवं संकुल शैक्षिक समन्वयक उपस्थित रहे।

शिक्षण गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता

जिला शिक्षा अधिकारी  जे. आर. डहरिया ने समीक्षा बैठक में शिक्षण गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के हित में शिक्षक अपने अध्यापन कार्य को पूरी ईमानदारी से गंभीरतापूर्वक जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ करें। उन्होंने कहा कि जिले की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाकर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सभी अधिकारी एवं शिक्षक सामूहिक प्रयास करें।उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण अध्यापन, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति एवं डेली डायरी संधारण सहित शैक्षणिक गतिविधियों की सतत निगरानी पर जोर दिया।

29 बिंदुओं पर हुई विभागीय समीक्षा

बैठक में शिक्षा विभाग से संबंधित 29 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। इनमें पुस्तक स्कैनिंग कार्य को दो दिवस के भीतर शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। जिला शिक्षा अधिकारी ने पुस्तक स्कैनिंग कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण करने वाले संकुल शैक्षिक समन्वयकों  महंगू दास भारद्वाज,  चंद्रकिशोर नायक,  जीवित नायक एवं  मोहनलाल जांगड़े के सराहनीय कार्य की प्रशंसा की गई।
इसके अलावा विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) एप्प में सभी शिक्षकों की ऑनलाइन शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने, सभी विद्यार्थियों की आधार आई डी पूर्ण कराने, UDISE+ के लिए विद्यार्थियों की प्रोफाइल अपडेट करने तथा विद्यालय निरीक्षण नियमित रूप से करने के निर्देश दिए गए।
विद्यालयों में दर्ज संख्या बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने, इंस्पायर अवॉर्ड की एंट्री शत-प्रतिशत तत्काल पूर्ण करने तथा शासन की महत्वपूर्ण योजना ‘न्योता भोज’ का प्रत्येक विद्यालय में निरंतर आयोजन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति एवं बच्चों के जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र पर विशेष ध्यान

दिव्यांग विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के लिए प्रधान पाठकों को ऑनलाइन लॉगिन कर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने तथा सभी विद्यार्थियों के जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र शीघ्र बनवाने के निर्देश दिए गए।

‘लइका चिन्हारी’ ऐप में ड्रॉपआउट बच्चों की जानकारी को अद्यतन रखने तथा संस्था प्रमुख द्वारा संपूर्ण जानकारी के साथ एक प्रभारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए। शाला त्यागी बच्चों को चिन्हांकित कर पुनः विद्यालय से जोड़ने के लिए प्रभावी प्रयास करने को कहा गया।

स्मार्ट क्लास, किचन गार्डन एवं मुस्कान पुस्तकालय को बेहतर बनाने पर जोर

बैठक में सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास को बेहतर, आकर्षक एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने, किचन गार्डन विकसित करने तथा उसमें उत्पादित सब्जियों का उपयोग विद्यार्थियों के मध्याह्न भोजन में करने के निर्देश दिए गए।

‘मुस्कान पुस्तकालय’ को सभी विद्यालयों में व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने, पुस्तकालय सामग्री को बेहतर ढंग से संधारित करने तथा रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।

संस्था प्रमुखों को ऑनलाइन अवकाश प्रक्रिया समय पर पूर्ण करने और किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए गए। IPR एंट्री भी शत-प्रतिशत पूर्ण करने को कहा गया।

बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान

प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को 20 तक तथा माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को 25 तक के पहाड़े कंठस्थ कराने एवं सभी शिक्षकों द्वारा डेली डायरी अनिवार्य रूप से संधारित करने तथा कक्षा में मोबाइल फोन के अनावश्यक उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए योगाभ्यास, खेलकूद एवं स्काउट-गाइड गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया। बैगलेस डे को प्रभावी बनाने तथा छात्राओं के लिए कराटे प्रशिक्षण को अनिवार्य रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।

नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने शिक्षकों से आह्वान

जिला शिक्षा अधिकारी ने नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए विद्यालयों में बच्चों एवं पालकों को नशे से होने वाले दुष्परिणामों को अवगत कराते हुए जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए विद्यालय स्तर पर निरंतर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं।

जर्जर विद्यालय भवन एवं शौचालयों की मरम्मत पर चर्चा

बैठक में जर्जर विद्यालय भवनों एवं जर्जर शौचालयों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। आवश्यकतानुसार निर्माण एवं मरम्मत कार्य शासन के निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुसार कराने सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि शासन द्वारा विद्यालयों के लिए उपलब्ध कराई गई राशि का प्रभावी, पारदर्शी एवं नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाए। शिक्षा विभाग का मूल उद्देश्य विद्यालय, विद्यार्थी, पढ़ाई और शैक्षणिक गुणवत्ता होना चाहिए।उन्होंने विद्यालय परिसर में अनावश्यक रूप से यूट्यूबरों के प्रवेश पर रोक लगाने तथा विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में किसी भी प्रकार का व्यवधान न होने देने के निर्देश दिए।

जिला से संकुल स्तर तक होगी सतत निगरानी

डहरिया ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार का वास्तविक असर जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए। इसके लिए जिला स्तर से लेकर विकासखंड एवं संकुल स्तर तक विभागीय कार्यों की सतत निगरानी की जाएगी। शिक्षकों की नियमित ऑनलाइन उपस्थिति, डेली डायरी का संधारण, गुणवत्तापूर्ण अध्यापन तथा शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी अधिकारियों, संकुल प्राचार्यों, संकुल शैक्षिक समन्वयकों एवं शिक्षकों से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।