October 16, 2026

सिक्किम के नवनियुक्त राज्यपाल श्री दुष्यंत कुमार गौतम के खिलाफ चलाए जा रहे दुष्प्रचार पर ओमकार मल्होत्रा का कड़ा प्रहार

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मुद्दों के संकट से जूझ रही कांग्रेस द्वारा संवैधानिक पदों की गरिमा तार-तार करने की कोशिश

न्यायालय द्वारा निस्तारित प्रकरण में फर्जी ऑडियो की आड़ में चरित्र हनन की राजनीति निंदनीय

भाजपा-एनडीए शासन में अंत्योदय, ‘पंचतीर्थ’ विकास और योजनाओं से वंचित वर्ग का हुआ वास्तविक सशक्तिकरण

सारंगढ़: सिक्किम के नवनियुक्त राज्यपाल श्री दुष्यंत कुमार गौतम के विरुद्ध कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा चलाए जा रहे दुष्प्रचार और अनर्गल आरोपों के खिलाफ अनुसूचित जाति वर्ग में गंभीर आक्रोश व्याप्त है। राजनीतिक व वैचारिक रूप से पूरी तरह दिशाहीन हो चुकी कांग्रेस पार्टी इस समय गंभीर राजनीतिक संकट का सामना कर रही है और इसी बौखलाहट में संवैधानिक पदों की गरिमा को गिराने तथा सामाजिक समरसता को प्रभावित करने के प्रयासों में जुटी हुई है।

अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले अत्यंत वरिष्ठ, समर्पित और बेदाग छवि के जननेता का सुनियोजित चरित्र हनन करना कांग्रेस की पारंपरिक सामंतवादी और अनुसूचित जाति-विरोधी कार्यशैली को उजागर करता है।
जिस प्रकरण में न्यायपालिका द्वारा मुख्य दोषियों को पहले ही आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई जा चुकी है तथा माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा श्री दुष्यंत गौतम के खिलाफ बिना किसी ठोस आधार के भ्रामक प्रचार पर स्पष्ट रोक लगाई गई है, उस संवेदनशील और वैधानिक रूप से निस्तारित मामले का राजनीतिक दोहन अत्यंत शर्मनाक है।
राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा केवल अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए एक निराधार व फर्जी ऑडियो क्लिप का सहारा लेकर अनुसूचित जाति समाज के सम्मानित व्यक्तित्व की छवि धूमिल करने का कुत्सित षड्यंत्र रचा जा रहा है।

कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मूल तिलमिलाहट इस बात को लेकर है कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के शासनकाल में अनुसूचित जाति वर्ग को निरंतर सामाजिक-आर्थिक मजबूती तथा देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर सम्मानजनक प्रतिनिधित्व प्राप्त हो रहा है।
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल से लेकर वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व तक, शासन का मूल आधार ‘अंत्योदय’ और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का संकल्प रहा है।
बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुड़े ‘पंचतीर्थों’ का भव्य विकास कर उन्हें ऐतिहासिक सम्मान दिया गया।
स्टैंड-अप इंडिया, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा हर घर नल से जल जैसी दूरगामी योजनाओं के माध्यम से करोड़ों वंचित परिवारों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया गया।

दशकों के शासनकाल में कांग्रेस ने अनुसूचित जाति वर्ग को केवल एक वोट बैंक के रूप में सीमित रखा, जबकि भाजपा-एनडीए सरकार ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े निष्ठावान नेतृत्व को देश के सर्वोच्च शिखर पर आसीन किया।

संवैधानिक सम्मान: आदरणीय श्री रामनाथ कोविंद को देश के सर्वोच्च ‘राष्ट्रपति’ पद पर सुशोभित करना।

संवैधानिक प्रतिनिधित्व: श्री थावरचंद गहलोत, श्रीमती बेबी रानी मौर्य और अब श्री दुष्यंत कुमार गौतम जैसे जमीनी व निष्ठावान नेताओं को राज्यपाल जैसे गरिमामयी पदों पर नियुक्त कर वंचित समाज को वास्तविक नेतृत्व और सम्मान प्रदान करना।

जब-जब अनुसूचित जाति या शोषित समाज का कोई योग्य व्यक्ति संवैधानिक शिखर पर पहुँचता है, तब-तब कांग्रेस नेतृत्व की असहजता खुलकर सामने आ जाती है। चरित्र हनन, झूठ और भ्रामक दुष्प्रचार के इस अराजक एजेंडे को देश और प्रदेश का समस्त अनुसूचित जाति समाज भली-भांति समझ चुका है। आने वाले समय में समाज इस अजा-विरोधी मानसिकता का जवाब पूरी तरह से लोकतांत्रिक माध्यमों से देगा।

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