सारंगढ़ (समय दर्शन) विगत 12 तारीख से पटवारी संघ अनिश्चित कालीन हड़ताल में बैठे है आज तक 7 दिवस बीत चुके है अब तक किसी प्रकार का कोई सामंजस प्रशासन और पटवारी की बीच नहीं बन पाया समय के साथ हड़ताल बढ़ता जा रहा पटवारी संघ अपनी मांग को लेकर अडिग है तो वही जिला प्रशासन भी चुप्पी साधे बैठा है देखते देखते मामला ऐसा गरमाया की 7 वे दिन पटवारी संघ अपनी प्रांतीय अध्यक्ष और पदाधिकारियों की टीम सारंगढ़ में बैठे अपने साथियों के बीच पहुंच कर जिला प्रशासन से बात चीत करने कलेक्टर दफ्तर पहुंचे थे लेकिन दोनो पक्षों में बात चीत में मामला और गरमाता चला गया और कलेक्टर दफ्तर से बाहर निकलते पटवारी संघ ने कलेक्टर मुर्दाबाद जिला प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते बाहर निकले आपको बता दे विगत 5 और 6 तारीख को सारंगढ़ कलेक्टर धर्मेंद्र साहू ने सारंगढ़ हल्का नंबर 28 के पटवारी उमेश पटेल को निलंबित किया जिसमे बताया गया खसरा संशोधन विलोपन जैसे कारण बताते निलंबित किया गया जिसको पटवारी संघ ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह का कार्य अधिकार पटवारी आईडी से संभव ही नहीं है एसडीएम वासु जैन के आने के बाद इन सभी कार्यों की पटवारी आईडी से हटा दिया गया था सीधे उच्च अधिकारियों की पोर्टल आईडी से कार्य चल रहे थे और ऐसे कृत्य जिसको पटवारी ने किया ही नही उसकी सजा कलेक्टर ने पटवारी को निलंबित क्यों दिया कहते हुए पटवारी संघ 12 तारीख से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठे है लगातार विरोध प्रदर्शन करते हुए 19 तारीख को प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे है जिला प्रशासन से बात चीत करना चाहा लेकिन बात चीत का ही ताल मेल न जम पाया जिसकी वजह से करीबन 3 बजे ही कलेक्टर परिसर में पटवारी संघ अक्रोषित होकर शांति संकेत के साथ परिसर पर ही धरने पर बैठ गए और लगातार 3 से 4 घंटे तक कलेक्टर परिसर में पटवारी संघ बैठकर अपना विरोध प्रदर्शन किया

पटवारी संघ प्रांतीय अध्यक्ष भागवत कश्यप
-कहा अगर रात बीतने तक उमेश पटेल को बहाल नहीं किया जाता तो प्रदेश भर में हम सब अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठेंगे जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी सारंगढ़ कलेक्टर की होगी कहते हुए नारे बाजी के साथ धरना स्थल पहुंचे वही मिली जानकारी अनुसार बताया की एक से दो दिनों में राजस्व मंत्री और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे प्रदेश में अनिश्चित कालीन हड़ताल का ऐलान करने की बात कही
कलेक्टर धर्मेंद साहू ने बताया कि शिकायत कर्त्ता से पैसा मांगा गया नही देने पर ऑनलाइन रिकॉर्ड से छेड़ छाड़ किया गया और इस तरह से कोई भी पटवारी पैसा मांगता है वो उचित नही है और हमने निलबिंत किया जिस तरह से नारे बाजी करना उचित नही है अगर उनका लगता है तो उच्च अधिकारियों य न्यायालय जा सकते है किसी भी प्रकार का राजस्व काम काज बाधित नही होगा








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