सारंगढ़/बिलाईगढ़। सारंगढ़ विधान सभा क्षेत्र के प्रखर सतनामी नेता पूर्व विधायक श्री भैयाराम खुंटे का जन्म अविभाजित मध्यप्रदेष के छत्तीसगढ़ अंचल में जिला रायगढ़ के विकास खण्ड सारंगढ़ के ग्राम खुड़ुभाठा में दिनांक 11 नवंबर 1950 को कृषक परिवार में हुआ था. वे मध्यम वर्गीय कृषक परिवार में से थे, जो अकाल से जुझते हुए गरीब सामाजिक भाइयो के साथ संघर्ष करते हुये जीवन यापन करते थे. विलक्षण प्रतिभा के धनी खुटे भैया का जीवन ओजस्वी विचारधारा से ओत प्रोत था.

1977 से शुरु खुटे भैया का रानीतिक सफर 12 सितंबर 2009 को थम गया. 30 साल का उनका राजनीतिक जीवन निष्कलंक व निर्विवाद रहा वे जीवन के अंतिम क्षण तक निर्वाचित जन प्रतिनिधि बने रहे. राजनीतिक प्रेक्षकों के मुताबिक खुटे भैया ने पंचायत से लेकर विधान सभा तक का जो राजनीतिक सफर तय किया है उनमें राजनीतिक पार्टी के अलावा उनकी व्यक्तिगत छवि का भी बडा योगदान रहा है. लोग कहते हैं कि खुटे भैया ने जो स्थान बनाया है,

उसमें उनके सद्व्यवहार व मितव्ययिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. जब जब भी वे चुनावी रणक्षेत्र में उतरे हैं तब तब क्षेत्र की जनता जनार्दन उनकी जबर्दष्त ताकत बनकर उभरी और उन्होंने विरोधियों को शर्मनाक मात दे दी. सारंगढ के इस लाडले नेता ने जीवन पर्यंत तक जमीनी राजनीति की है. जो सतनामी समाज के साथ साथ क्षेत्र के लिये आदर्ष के रुप में एक महापुरुष की तरह हमेशा याद किया जाता रहेगा.








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