June 22, 2026

हितग्राही की मजदूरी राशि दूसरे खाते में स्थानांतरित करने का आरोप,शिकायतकर्ता कांग्रेश रत्नाकर ने की निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग

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बसना/सागरपाली : खबर निरीक्षण

जनपद पंचायत बसना अंतर्गत ग्राम पंचायत सुखापाली में मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित एक गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है।
ग्राम पंचायत सुखापाली निवासी कांग्रेश रत्नाकर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जनपद पंचायत बसना को लिखित शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि उनकी बहन के देवन्तीन रत्नाकर के प्रधानमंत्री आवास से संबंधित मनरेगा मजदूरी की राशि कथित रूप से किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी गई है।
शिकायत के अनुसार,हितग्राही देवन्तीन रत्नाकर(आवास क्रमांक CH115141229)द्वारा किए गए 44 दिवस के श्रम कार्य के एवज में प्राप्त होने वाली 11,484 रुपये की मजदूरी राशि तीन किस्तों में किसी अन्य महिला के खाते में जमा हो गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत सुखापाली की आवास मित्र कांति चौहान एवं जनपद पंचायत बसना के मनरेगा कंप्यूटर ऑपरेटर केशव सिन्हा की कथित मिलीभगत के कारण यह अनियमितता हुई है,जिससे वास्तविक हितग्राही अपनी मेहनत की कमाई से वंचित होकर न्याय की गुहार लगाने को विवश है।
कांग्रेश रत्नाकर ने अपनी शिकायत में कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित की जाती हैं,किंतु यदि लाभार्थियों की मजदूरी राशि ही गलत खातों में पहुंचने लगे तो यह न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है,बल्कि गरीबों के अधिकारों पर भी सीधा आघात है।
उन्होंने शासन-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा हितग्राही को उसकी बकाया मजदूरी राशि शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है और साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भुगतान प्रक्रिया की सघन निगरानी एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया है।
कांग्रेश रत्नाकर का कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए,यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सत्य पाए जाते हैं,तो यह गरीब हितग्राहियों के हक के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा।
अब क्षेत्रवासियों की निगाहें शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं और सभी को निष्पक्ष जांच एवं न्यायपूर्ण निर्णय की प्रतीक्षा है।