- जनपद पंचायत सक्ती की ग्राम पंचायत बेल्हाडीह का मामला
- 29 लाख के गबन की पहले ही हो चुकी है शिकायत
बेल्हाडीह(जेठा)- जनपद पंचायत सक्ती के ग्राम पंचायत बेल्हाडीह में 29 लाख के गबन के आरोप के बाद 15 वर्षों से जमे सचिव को हटाने की मांग कलेक्टर से की है। विदित हो कि ग्रामीणों ने इन दिनों पंचायत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्राम पंचायत सचिव घासीराम साहू पर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि वह विगत 15 वर्ष से ग्राम पंचायत के सचिव के तौर पर कुण्डली मारकर बैठा हुआ। उसके कार्यकाल में पंचायत में काफी भ्रष्टाचार बढ़ा है। ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत बेल्हाडीह में भवन होने के बाद भी उसका आना जाना लगा रहता है वह मुख्यालय में नहीं रहता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि 15 वर्षों से एक ही गांव में जमे होने से उसके द्वारा राजनैतिक दखलअंदाजी एवं मनमाने मौर से कार्य किया जाता है। जिससे गांव में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने सरपंच के साथ मिलकर गबन करने का आरोप भी लगा है। बिना कार्य के रकम आहरण किया जा रहा है। जिसकी शिकायत पूर्व में ग्रामवासियों के द्वारा की जा चुकी है। जिसमें बताया गया है कि किस प्रकार 3 वर्षों में ही 29 लाख का गबन किया गया है। साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि उक्त शिकायत जांच को प्रभावित कर रहा है। ग्रामवासियों को शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बना रहा है। यह सभी कार्य पंचायत सचिव और सरपंच की मिलीभगत से हो रहा है। सचिव घासीराम साहू के एक दशक से अधिक समय से जमे होने के कारण कार्य में काफी लापरवाही देखने को मिल रही है। इसे यहां से तत्काल हटाए जाने की मांग ग्रामीणों ने की है।
लाखों के गबन के बावजूद प्रशासन की कानों में नहीं रेंग रही जूं-
पूर्व में ग्राम पंचायत बेल्हाडीह के ग्रामीणों ने सूचीबद्ध कर शिकायत की गई थी। बताया था कि जिन कार्यों के पैसे निकाले गए हैं वह काम हुए ही नहीं हैं। ये काम कोई थोड़ी राशि के नहीं बल्कि 29 लाख के थे। इसके बावजूद भी प्रशासन का कुंभकर्णीय निंद्रा में रहना कई सवाल पैदा कर रहा है। ग्रामीणों ने सही जांच नहीं होने की दशा में आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
सूचना के अधिकार की उड़ाई जाती है धज्जियां-
ग्राम पंचायत बेल्हाडीह के सचिव घासीराम साहू सूचना के अधिकार के तहत जानकारी देने में आनाकानी करते हैं। जब जानकारी देनी ही पड़ती तब तो आधी अधूरी जानकारी देकर घुमाने का प्रयत्न किया जाता है। जब ग्रामवासियों ने ग्राम पंचायत के काले कारनामों को उजागर करने के लिए जानकारी लेनी चाही तो पंचायत के बिना किसी सील व हस्ताक्षर के जानकारी प्रदान कर दी गई। राशि लेने के बाद भी कोई रसीद सचिव के द्वारा नहीं दी गई। ऐसे लापरवाह सचिव हो हटाने की मांग ग्रामवासियों ने की है।







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