March 24, 2026

छत्तीसगढ़ शासन के 1 वर्ष पूर्ण होने पर सुशासन में शिक्षा विभाग सरायपाली ने जोड़ा एक नया अध्याय

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सरायपाली : गोपाल लहरिया

कलेक्टर महासमुन्द विनय कुमार लंंगेह के आदेशानुसार एवं एसडीएम राजस्व विभाग सरायपाली नम्रता चौबे(आईएएस)के निर्देशन में तथा सरायपाली के बीईओ प्रकाशचंद्र मांझी और बीआरसीसी सतीश स्वरूप पटेल के संयुक्त मार्गदर्शन में विकासखण्ड सरायपाली के समस्त विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए जाति प्रमाण पत्र बनवाने हेतु कार्ययोजना बना कर लक्ष्य प्राप्ति हेतु प्रयास जारी है।
जिसमें नोडल प्राचार्य,शिक्षक गण एवं संकुल समन्वयक तथा लिपिकों की भूमिका और तत्परता सहित पालकों का सहयोग लेकर इस योजना को शत् प्रतिशत पूर्णता देने के लिए शिक्षा विभाग सरायपाली प्रतिबद्ध है।
उल्लेखनीय है कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालयों में भर्ती होने एवं नौकरी मिलने पर अपने जाति प्रमाण पत्र को प्रस्तुत करने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है,इसलिए शासन स्तर पर स्वयं संज्ञान लेकर छत्तीसगढ़ शासन इसके समाधान हेतु प्रयासरत है।
यह सुशासन एवं जनसाधारण के कार्यों को उनकी अपेक्षाओं की पूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ शासन का एक विशिष्ट उदाहरण है।
छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन और सफलतम एक वर्ष पूर्ण होने की उपलब्धियों में शिक्षा विभाग सरायपाली अंतर्गत लिमगांव संकुल के संकुल समन्वयक गिरधारी पटेल और उनकी टीम ने अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए संकुल अंतर्गत कुल आठ विद्यालयों में जाति प्रमाण पत्र हेतु पात्र 762 विद्यार्थियों में से 762 विद्यार्थियों का जाति प्रमाण पत्र अर्थात 100 प्रतिशत के लक्ष्य को पूर्ण किया जा चुका है। बीआरसी सतीश स्वरूप पटेल के अनुसार इसके साथ-साथ अन्य पांच संकुल केंद्र में भी 100 प्रतिशत जाति प्रमाण पत्र बनवाने का लक्ष्य को जनवरी 2025 तक पूर्ण कर लिया जाएगा साथ ही साथ उन्होंने बताया कि कक्षा पहली से कक्षा 12वीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत जाति प्रमाण पत्र बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु लगातार प्रयास जारी है,जिसके तहत वर्तमान में पुरे विकासखंड में लगभग 60 प्रतिशत बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनाने की कार्यवाही की जा चुकी है एवं आगामी दो माह के भीतर जाति प्रमाण पत्र हेतु पात्र शेष 40 प्रतिशत बच्चों के जाति प्रमाण पत्र को भी पूर्ण करने का प्रयास जारी है I
जाति प्रमाण पत्र बनाने की यह प्रक्रिया पूर्णता निःशुल्क है जिसके लिए प्रत्येक संकुल केंद्र को एक ऑनलाइन आईडी प्रदान की गई है जिसमें बालको से प्राप्त आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री संकुल समन्वयको के द्वारा की जाती है I
यह समाचार प्रकाशन के लिए मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र कुमार नायक (व्याख्याता)एवं दुर्वादल दीप ने दी है।