सारंगढ़। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले का एक मात्र वन्य प्राणी अभ्यारण गोमर्डा जहां जिले की शान एवं पहचान है वही इस अभ्यारण क्षेत्र में बसे 28 गांव के किसान एवं गरीब मज़दूर परिवार पिछले 24 साल से परेशान हैं समय समय पर अभ्यारणवासियो ने अपनी समस्याओं को शासन प्रशासन को धरना आंदोलन आवेदन ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया लेकिन अब तक निराकरण हेतु उचित पहल प्रशानिक तौर पर नहीं की गई है जिससे अभ्यारण के लोग नाराज हैं।
क्यों नाराज हैं ग्रामीण
गोमर्डा अभ्यारण का गठन 30 अगस्त 1975 को 133.38 वर्गकिलोमीटर शामिल कर की गई तब इसकी सीमा में 11 गांव ही शामिल था बाद में 12 अप्रैल 1983 में इसका विस्तार कर 17 और गांव को शामिल कर लिया गया जिससे अभ्यारण का कुल क्षेत्रफल 277 वर्ग किलोमीटर हो गया ग्रामीणों को गोमर्डा अभ्यारण के गठन के दौरान 18 अक्टूबर 1995 में जारी उद्घोषणा में कलेक्टर ने किसानों के अधिकारों को यथावत रखने एवं ग्रामीणों अभ्यारण सीमा से विस्थापन नही करने का उल्लेख किया जिससे स्थानीय लोगों ने कोई आपत्ति नहीं की लेकिन 1996 में भूमि क्रय विक्रय के पंजीयन बंद कर दिए गए साथ ही वनोपज संग्रह यानि तेंदुपत्ता तोड़ने के लिए स्थानीय ग्रामीणों को अपात्र कर उनके संग्राहक कार्ड बनाना बंद कर दिया गया इससे सरकार द्वारा संचालित वनोपज आधारित योजनाओं का लाभ मिलना स्थानीय ग्रामीणों के लिए बंद हो गया।
जंगली जीव एवं हाथियों से फसल पर अल्प मुआवजा
गोमर्डा अभ्यारण के सीमा से लगे किसानों के खेत के फसल को वन्य जीव जंगली सुअर बायसन हिरन के साथ ही हाथी लगातार नुकसान कर रहे हैं लेकिन धान के समर्थन मूल्य के अनुसार किसानों को छतिपूर्ति राशि नहीं मिल पा रहा है वन्य जीवों की फसल चराई से इस क्षेत्र के किसान
परेशान हैं।
बिजली का स्थाई कनेक्शन नहीं मिलना
गोमर्डा अभ्यारण के 28 गांव के साथ ही सहसपानी एवं आसपास के किसानों ने बिजली विभाग में सिंचाई पम्प के लिए बिजली विभाग के दफ्तर में स्थाई कनेक्शन के लिए आवदेन क्या है लेकिन विभाग के अधिकारी इन क्षेत्र के किसानों को स्थायी कनेक्शन नही दे रही है वहीं वन विभाग अस्थाई कनेक्शन पर आपत्ति कर रही है इससे भी किसान परेशान है जिससे नाराजगी बढ़ रही है।
छतिपूर्ति राशि मिलना भी बंद
28 गांव के 22 सौ परिवारों को साल 2016 से 2018 तक चुनाव से पहले 2000- 2000 रुपए तेंदूपत्ता नही तोड़ने के एवज में रमन सरकार ने छतिपूर्ति राशि देना शुरू किया था लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बदली तो यह योजना भी बंद हो गया पांच साल बाद फिर सरकार बदल गई लेकिन अभ्यारण के इन गांव वालों को न तेंदूपत्ता तोड़ने का मिला और नही छतिपूर्ति राशि मिली है।
रामकुमार थुरिया, मंडल अध्यक्ष भाजपा-
गोमर्डा अभ्यारण क्षेत्र के लोगों की मांग मेरी पहली प्राथमिकता है मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी को अपने क्षेत्र के समस्याओं से संबंध में अवगत कराकर निराकरण हेतु आवदेन दिए हैं।








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