बालोद।
जिले के उत्पादक किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। कृषि कार्यों को आसान, तेज और कम लागत वाला बनाने के उद्देश्य से ग्राम तामोरा में विकल्प स्टॉक हार्वेस्टर मशीन का अनुमोदन किया गया। यह मशीन जिला मिनरल ट्रस्ट (DMF) बालोद के वित्तीय सहयोग से दंतेश्वरी मैया सोसायटी फैक्ट्री फेडरेशन मर्यादित बालोद द्वारा किसानों की सुविधा के लिए उपलब्ध कराई गई है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत बालोद के उपाध्यक्ष तोमन साहू, पूर्व नगर पालिका परिषद बालोद के अध्यक्ष राकेश यादव, वरिष्ठ व्यवसायी चेमन देशमुख सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं क्षेत्र के किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान दंतेश्वरी मैया सोसायटी फैक्ट्री के प्रबंध निदेशक पी.आर. राठिया ने स्टॉक हार्वेस्टर मशीन की विशेषताओं एवं उपयोगिता की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मशीन विशेष रूप से किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। मशीन से एक साथ स्टेकेन कटिंग एवं छिलाई का कार्य किया जा सकता है, जिससे किसानों का समय, श्रम और लागत तीनों की बचत होगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में पशु आहार हेतु टुकड़ों की अधिक आवश्यकता होती है, जिसमें काफी समय लगता है। लेकिन इस मशीन के माध्यम से एक ही दिन में लगभग 80 से 100 टन हरा चारा (लगभग 2.5 टुकड़े) आसानी से काटा एवं छीला जा सकता है।
मशीन की एक विशेषता यह भी है कि कटिंग के साथ-साथ डंफील्ड सिस्टम के जरिए चारा सीधे सहायक या अन्य परिवहन समूह में भरा जा सकता है, जिससे परिवहन और प्रसंस्करण की प्रक्रिया और भी सरल व तेज हो जाती है। इसके अलावा समान रूप से कटे चारे से किसानों को आगामी फसल के लिए रेटिंग (ढेर) प्रबंधन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे खेती की लागत और कम होगी।
इस मशीन के उपयोग से कटाई, छिलाई, भराई एवं राशन प्रबंधन पर होने वाले खर्च में कमी आएगी, जिससे किसानों को अधिक बचत और लाभ मिलेगा। साथ ही इससे डेयरी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि की संभावना भी प्रबल होगी।
कार्यक्रम के अंतर्गत तामोरा के 10 एकड़ स्टॉक खेत में हार्वेस्टर मशीन के माध्यम से कटिंग, छिलाई और भराई का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसे देखकर किसानों का भरोसा और उत्साह बढ़ा। किसानों ने इसे श्रम संकट का समाधान बताते हुए कहा कि यह पहल खेती को आधुनिक दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगी।
फ्लांट हार्वेस्टर मशीन का फ्लांट बालोद जिले में तकनीक आधारित कृषि को प्रोत्साहित करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








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