March 9, 2026

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उमेश कुमार सेन ने दी शुभकामनाएं, नारी शक्ति को बताया राष्ट्र निर्माण की आधारशिला

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बालोद –  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद जिला सह मंत्री एवं सेन समाज जिला मीडिया प्रभारी उमेश कुमार सेन ने जिले की समस्त माताओं, बहनों और बेटियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनके योगदान को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास नारी शक्ति के साहस, ज्ञान और त्याग की प्रेरणादायक गाथाओं से भरा हुआ है। प्राचीन भारतीय संस्कृति में महिलाओं को अत्यंत सम्मानित स्थान प्राप्त रहा है। हमारे धर्मग्रंथों में भी कहा गया है— “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता”, अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है।

उमेश कुमार सेन ने कहा कि वैदिक काल में भी महिलाओं को शिक्षा और ज्ञान प्राप्त करने का अधिकार था। उस समय गार्गी वाचक्नवी और मैत्रेयी जैसी विदुषी महिलाओं ने ज्ञान और दर्शन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने बताया कि भारत की स्वतंत्रता संग्राम में भी महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। रानी लक्ष्मीबाई, सरोजिनी नायडू और कस्तूरबा गांधी जैसी वीरांगनाओं ने देश की आजादी के लिए संघर्ष करते हुए समाज को प्रेरित किया।

महिला शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में सावित्रीबाई फुले का योगदान भी अतुलनीय रहा है, जिन्हें भारत की पहली महिला शिक्षिका माना जाता है। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा और समाज में जागरूकता लाने के लिए ऐतिहासिक कार्य किया।

उमेश कुमार सेन ने कहा कि आधुनिक भारत में भी महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। इंदिरा गांधी, कल्पना चावला और मैरी कॉम जैसी महिलाओं ने देश का नाम विश्व स्तर पर गौरवान्वित किया है।

उन्होंने कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है जब महिलाओं को समान अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान प्राप्त हो। महिला सशक्तिकरण से ही परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति सुनिश्चित हो सकती है।