बारिश में भीगती चिता, श्मशान घाट के अभाव में तालाब किनारे हुआ अंतिम संस्कार
सारंगढ़-बिलाईगढ़ – जिले के ग्राम पंचायत कोतमरा से एक बेहद संवेदनशील और व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां श्मशान घाट और मुक्तिधाम के अभाव में एक ग्रामीण का अंतिम संस्कार तालाब किनारे करना पड़ा। बारिश के बीच हुए इस अंतिम संस्कार ने न सिर्फ परिजनों, बल्कि पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
जानकारी के मुताबिक, कोतमरा निवासी राजकुमार वारे का निधन हो गया। अंतिम संस्कार के लिए जब परिजन और ग्रामीण शव लेकर पहुंचे, तो गांव में श्मशान घाट और मुक्तिधाम की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें तालाब किनारे अंतिम संस्कार करना पड़ा। इस दौरान बारिश भी होती रही, जिससे परिजनों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सबसे दुखद बात यह रही कि एक व्यक्ति को मृत्यु के बाद भी सम्मानजनक अंतिम विदाई के लिए जूझना पड़ा। गिरते पानी के बीच चिता जलाना, अंतिम संस्कार की व्यवस्था करना और शोक के बीच इस पीड़ा को सहना ग्रामीणों के लिए बेहद तकलीफदेह रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत कोतमरा में लंबे समय से मुक्तिधाम निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई। यही वजह है कि आज भी लोगों को अंतिम संस्कार जैसी मूलभूत सामाजिक व्यवस्था के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम पंचायत कोतमरा में जल्द से जल्द मुक्तिधाम और श्मशान घाट का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को इस तरह की पीड़ा और अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।









More Stories
ब्रेकिंग न्यूज…युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
चिकित्सक दिवस पर पुलिस द्वारा किया गया डॉक्टरों का सम्मान
लेन्धरा मण्डल के कार्यकर्ताओं को दिया डिजिटल लर्निंग प्रशिक्षण