सारंगढ़। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं जिला पंचायत सदस्य बिनोद भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि – लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर संसद है और उसकी आवाज उठाने का सबसे बड़ा मंच जंतर – मंतर माना जाता है। ऐसे मंच पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज होना केवल पुलिस की कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक तंत्र पर सवाल खड़ा करता है। बिनोद
ने कहा कि – देश का हर मेहनती छात्र केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर रहा, बल्कि व्यवस्था की खामियों से भी जूझ रहा है। पेपर लीक और भर्ती में अनियमितताओं के कारण युवाओं के जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष बर्बाद हो रहे हैं। लाखों सरकारी पद खाली पड़े हैं, जबकि परीक्षाओं में बार-बार अनिश्चितता और देरी से युवाओं पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
बिनोद भारद्वाज ने आरोप लगाया कि – सरकार युवाओं की मेहनत, ईमानदारी और विश्वास को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि – जंतर-मंतर पर नौकरी, पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवा किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे थे। इसके बावजूद उन्हें लाठीचार्ज, हिरासत और बैरिकेडिंग का सामना करना पड़ा, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि – सत्ता स्थायी नहीं होती, लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। सरकार को अहंकार छोड़कर युवाओं की आवाज सुननी चाहिए और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।








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