September 14, 2026

सारंगढ़ जिला अस्पताल ने रचा इतिहास: प्रधानमंत्री नि:शुल्क डायलिसिस सेवा के अंतर्गत 2000 से अधिक नि:शुल्क सफल डायलिसिस सत्र पूरे

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कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में मिला मरीजों को जीवनदान, बड़े शहरों पर निर्भरता हुई खत्म

सारंगढ़ बिलाईगढ़ -मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में जिला चिकित्सालय सारंगढ़ ने स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया है। किडनी रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली ‘ जीवनधारा नि:शुल्क डायलिसिस सेवा’ के अंतर्गत अस्पताल ने 2000 से अधिक सफल डायलिसिस सत्र  पूरे कर लिए हैं। यह बड़ी उपलब्धि न केवल चिकित्सालय की उत्कृष्ट कार्यक्षमता को दर्शाती है, बल्कि जिले के सुदृढ़ होते स्वास्थ्य ढांचे का भी प्रत्यक्ष प्रमाण है।
कुशल नेतृत्व और प्रभावी प्रबंधन का परिणाम
इस महत्वपूर्ण पड़ाव को हासिल करने में जिला कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के कुशल निर्देशन और सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल के प्रभावी प्रबंधन की मुख्य भूमिका रही है। जिला प्रशासन के निरंतर सहयोग और आपसी समन्वय से अस्पताल में मरीजों को उच्च स्तरीय और पूरी तरह नि:शुल्क डायलिसिस की सुविधा मिल पा रही है। इस सुविधा के सुचारू संचालन से अब स्थानीय मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ता, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बड़ी बचत हो रही है।
समर्पित टीम और ‘जीरो टॉलरेंस’ कार्यप्रणाली
डायलिसिस यूनिट की इस सफलता का मुख्य आधार यहाँ के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी विशेषज्ञों की सेवा भावना है। यूनिट की कुछ प्रमुख विशेषताएं जो इस सफलता की रीढ़ बनीं:
सतत निगरानी: हर मरीज की स्थिति पर चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जाती है।
कड़ा अनुशासन: संक्रमण मुक्त और पूरी तरह सैनिटाइज्ड वातावरण में समयबद्ध तरीके से सत्रों का संचालन।
संवेदनशील व्यवहार: मरीजों को केवल इलाज ही नहीं, बल्कि बीमारी से लड़ने के लिए मानसिक संबल और सहानुभूति भी दी जाती है।
“2000 से अधिक सत्रों का यह आंकड़ा हमारे लिए सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि यह उन सैकड़ों परिवारों की उम्मीदों और मुस्कान का प्रतीक है, जिन्हें जिला चिकित्सालय ने नया जीवन दिया है। हमारी पूरी टीम भविष्य में भी इसी सेवा भाव और ऊर्जा के साथ काम करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है -डॉ. दीपक जायसवाल, सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय सारंगढ़

भविष्य की राह और प्रेरणा
जिला कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर पूरी मेडिकल टीम को बधाई देते हुए हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि मजबूत इच्छाशक्ति और टीमवर्क हो, तो स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े और सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। आने वाले समय में जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के और अधिक विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए यह सफलता एक प्रेरणादायक मील का पत्थर साबित होगी।