June 5, 2026

छात्रावास-आश्रमों में रोपे गए पौधे, ‘दादा-काका’ और ‘दीदी-नानी’ रजिस्टर से होगी निगरानी

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सारंगढ़-बिलाईगढ़ |  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित समस्त छात्रावासों और आश्रमों में वृहद स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधे लगाए गए।

अनूठी पहल पौधों की सुरक्षा के लिए ‘रजिस्टर संधारित’ पर्यावरण दिवस के इस कार्यक्रम में केवल पौधरोपण ही नहीं किया गया, बल्कि उनके जीवित रहने और संरक्षण के लिए एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। रोपे गए प्रत्येक पौधे की उचित देख-रेख सुनिश्चित करने के लिए ‘दादा-काका’ और ‘दीदी-नानी’ रजिस्टर संधारित (प्रारंभ) किया गया है। इसके अंतर्गत सभी पौधों का बकायदा नामकरण किया गया है, ताकि विभाग के कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं की सीधी निगरानी में सभी पौधों की शत-प्रतिशत देखभाल हो सके।कार्यक्रम में जिम्मेदार अधिकारियों और छात्र-छात्राओं की रही मौजूदगी आदिवासी विकास विभाग के इस वृहद पौधरोपण कार्यक्रम में विभाग के आला अधिकारियों सहित स्थानीय प्रभारियों और छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल रहे डॉ. बद्रीश सुखदेवे (सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग) शिवकुमार महिलांगे (कनिष्ठ लेखा अधिकारी) राजकुमार अजगले (सहायक ग्रेड-2) विमल कुमार अजगल्ले (विकासखंड प्रभारी, आदिवासी विकास सारंगढ़)आदित्य (एनसीसी प्रभारी, सेजेस स्कूल सारंगढ़)छात्रावास अधीक्षकगण संतराम धृतलहरे,  जीवन लाल रात्रे,  विजय टंडन,  महेंद्र चौहान,महिला स्टाफ  श्रीमती उर्मिला अजगल्ले, श्रीमती दिव्या तिवारी, श्रीमती सरिता कैवर्त
इस अवसर पर विभाग के समस्त कर्मचारियों के साथ-साथ एनसीसी के छात्र-छात्राओं ने भी पूरे उत्साह के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए पौधे रोपे। अधिकारियों ने बच्चों को पर्यावरण का महत्व समझाया और इन पौधों को वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उठाने के लिए प्रेरित किया।