प्रदेश स्तरीय सम्मेलन जल्द, रायपुर बैठक में अधिकारों की लड़ाई और संगठन मजबूती पर कई महत्वपूर्ण निर्णय
रायपुर/सारंगढ़। प्रदेश स्तरीय जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष संघ छत्तीसगढ़ की एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक बैठक शुक्रवार को रायपुर स्थित विमतारा सभागार में संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों ने हिस्सा लिया, जिसमें सारंगढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष ममता राजीव सिंह भी विशेष रूप से शामिल हुईं। बैठक में जनपद पंचायतों के संचालन, विकास कार्यों में आ रही प्रशासनिक व वित्तीय अड़चनों और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों को लेकर विस्तार से मंथन किया गया।

अधिकारों की रक्षा और विकास कार्यों में समन्वय पर चर्चा
बैठक के दौरान विभिन्न जिलों से आए जनप्रतिनिधियों ने जनपद पंचायतों के अधिकारों, विकास कार्यों की वित्तीय स्वीकृति में हो रही देरी, प्रशासनिक समन्वय की कमी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। सभी वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि ग्रामीण विकास की रीढ़ माने जाने वाले जनपद प्रतिनिधियों को उनके संवैधानिक अधिकार पूरी तरह मिलने चाहिए।
ममता राजीव सिंह ने दिया संगठन मजबूती पर जोर
बैठक में सारंगढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष ममता राजीव सिंह ने संगठन की एकजुटता और मजबूती पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश के सभी जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य एक मंच पर आकर सामूहिक प्रयास नहीं करेंगे, तब तक पंचायतों के अधिकारों की रक्षा और ग्रामीण विकास की चुनौतियों से नहीं निपटा जा सकता। उन्होंने शासन-प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाने और पंचायत राज व्यवस्था को और अधिक सशक्त करने की आवश्यकता प्रतिपादित की।
जल्द होगा प्रदेश स्तरीय विशाल सम्मेलन
इस बैठक में सर्वसम्मति से एक बड़ा निर्णय लेते हुए आगामी दिनों में प्रदेश स्तरीय जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सभी जनपद पंचायत सदस्यों का एक विशाल सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस महासम्मेलन के माध्यम से त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े जनप्रतिनिधियों की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को सरकार के समक्ष पुरजोर तरीके से रखा जाएगा।
इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर बनी सहमति:
प्रशिक्षण और क्षमता विकास: पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण और विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।
संवैधानिक अधिकारों की रक्षा: जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए संगठन स्तर पर बड़ी पहल की जाएगी।
प्रशासनिक समन्वय: शासन-प्रशासन के साथ संवादहीनता को दूर कर विकास कार्यों में गति लाने का प्रयास होगा।
बैठक के अंत में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों ने पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करने और ग्रामीण विकास के मुद्दों पर निरंतर संघर्ष व सहयोग की भावना के साथ एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।








More Stories
5जून विश्व पर्यावरण दिवस पर “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत प्रकृति संरक्षण का लिया गया संकल्प
सारंगढ़ की पंचायतों में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश
छात्रावास-आश्रमों में रोपे गए पौधे, ‘दादा-काका’ और ‘दीदी-नानी’ रजिस्टर से होगी निगरानी