बसना – गोपाल लहरिया
बसना किसानों की सुविधा के लिए बनाया गया भंवरपुर उपतहसील का लाभ सागरपाली,रोहिना,लंबर क्षेत्र के करीब दर्जन भर गाँवों को नहीं मिल पा रहा।बसना तहसीलदार द्वारा अपनी सुविधा के लिए भंवरपुर उपतहसील के दर्जन भर से अधिक गांवों को बसना तहसील से जोड़ दिया है।
जिससे इस क्षेत्र के ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए भंवरपुर को पार कर करीब 25 से 30 किलोमीटर दूर बसना का चक्कर काटना पड़ रहा है,इस क्षेत्र के किसानों और जनप्रतिनिधियों ने पटवारी हल्का नंबर 12 लंबर ,13 रोहिना और 16 सागरपाली को भंवरपुर उपतहसील से जोड़ने की मांग की है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट-मुलाकात के दौरान भंवरपुर को उप तहसील बनाए जाने की घोषणा की थी,भंवरपुर को उपतहसील की सौगात मिलने से क्षेत्र की जनता में अपार खुशी थी l
विधानसभा चुनाव के पूर्व ही भंवरपुर उपतहसील कार्यालय खोला गया है। तहसील संबंधी कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ भी होने लगा,लेकिन वर्तमान तहसीलदार के एक आदेश के तहत पटवारी हल्का नंबर 12,13 और 16 को बसना तहसील में संलग्न कर दिया गया है।
इससे ग्राम सागरपाली,बिजराभांठा, बंसुलीडीह,रोहिना,कांशीपाली, लोहरीनडीपा,भंवरादादर,टीपा,लंबर, छिर्राबाहरा,माधोपाली,झालपाली, डोंगरीपाली गांवों के सैकड़ों ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं।
इस क्षेत्र के किसान रोजाना नामांतरण, बंटवारा,सीमांकन,नकल आवेदन, बंदोबस्त त्रुटि सुधार,आरबीसी 6-4 जैसे प्रकरण के लिए तहसील कार्यालय का चक्कर काटने विवश हैं। किसानों ने बताया कि इस भीषण गर्मी में राजस्व संबंधी प्रकरण को लेकर बसना जाना काफी तकलीफदेह है, किसानों ने बताया की तीनों पटवारी हल्का को भंवरपुर तहसील में जोड़ने के लिए कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को भी इस समस्या से अवगत कराया जाएगा। लंबर क्षेत्र के गांव को तहसील संबंधी कार्य के लिये 15-17 किमी की बजाय 30-35 किमी की दूरी तय करना पड़ रहा है।
इस क्षेत्र के लोगों ने कई बार सागरपाली लंबर क्षेत्र को भंवरपुर उपतहसील से जोड़ने की मांग की है।

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