February 5, 2026

भंवरपुर में विरांगना महारानी दुर्गावती की बलिदान दिवस पर श्रध्दा सुमन का आयोजन हुआ l

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बसना/भंवरपुर : गोपाल लहरिया

छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड समाज फुलझर राज्य छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ एवं छत्तीसगढ़ क्रांति सेना भंवरपुर बसना और सरायपाली के संयुक्त तत्वावधान में भंवरपुर स्थित विरांगना महारानी दुर्गावती प्रतिमा स्मारक स्थल पर उनकी 460 वीं बलिदान दिवस पर गोंडवाना आदिवासी समाज की आराध्य देव भगवान बुढ़ादेव की पूजा पाठ मंगल आरती के साथ विरांगना महारानी को श्रध्दा सुमन अर्पित किया गया।
भारत के इतिहास में ऐतिहासिक वीरता की अनेक वीरगाथाओं का वर्णन उल्लेख हैं,उन्हीं में से 15 वीं शताब्दी की गढ़ा मंडला गोंडवाना साम्राज्य की क्षत्राणी शौर्य वीरता पराक्रम पराकाष्ठा नारीशक्ति प्रेरणापुंज त्याग की प्रतिमूर्ति गोंड शासिका विरांगना महारानी दुर्गावती मंडावी ने अपनी आन बान शान से मातृभूमि देश धर्म संस्कृति समाज सेवा और अपने प्रजाओं के सतत् रक्षा करतीं हुईं 51 बार विदेशी मुग़ल आक्रमणकारी अकबर और असफ खान के सेना को युद्धों में परास्त की थीं परन्तु 52 वीं बार की युद्ध में महारानी के सैन्य संख्या बल अस्त्र-शस्त्र कम होने के कारण मुग़ल विधर्मियों से चारों तरफ से घिर गईं हार नहीं मानने वालीं विरांगना ने रणभूमि में रणचंडी मां भवानी की भांति युद्ध के महासंग्राम में क्षत्राणी धर्म का पालन करते हुए वे जीवित गुलामी स्वीकार नहीं करने की दृढ़ प्रतिज्ञा और आत्मसम्मान स्वाभिमान की रक्षा में 24 जून 1564 के दिन महारानी ने स्वयं अपनी छाती में कटार घोंपकर आत्म बलिदान कर बलिदान की इतिहास में अमरता की एक नया कीर्तिमान अध्याय लिख दीं । उनकी शौर्य वीरता पराक्रम को सदैव चीर यादगार अमर बनाये रखने सर्व आदिवासी समाज जनों ने प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी बलिदान दिवस पर सामाजिक संगोष्ठी आयोजित कर स्मरण किया,जिसमें सर्व आदिवासी समाज के युवाओं ने संगठन एकता अखंडता का परिचय देते हुए गढ़ किला मैदान आदिवासी सामुदायिक भवन कृषि उपज मंडी प्रांगण से नगर के विभिन्न चौक-चौराहों,मार्गों से विशाल बाइक रैली निकालकर मंडी प्रांगण में रैली सभा में परिवर्तित हुआ जहां पर समाज प्रमुख शिक्षाविदों ने महारानी दुर्गावती के कुशल गोंडवाना साम्राज्य शासन व जीवनी वीरता पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक समरसता सांगठनिक शैक्षणिक आर्थिक राजनैतिक उत्थान विकास विचार संगोष्ठी पर उदबोधन दिया गया।