सारंगढ़ – केन्द्र सरकार की योजना महात्मा गांधी रोज़गार गारंटी योजना देश की विकास कार्यों में अहम रोल निभा रही है ग्राम पंचायतो का 70 प्रतिशत विकास नरेगा योजना के द्वारा ही किया जा रहा है विगत कुछ वर्षों से इस योजना में कृषकों को मदद करने के लिए किया जा रहा है किसानों की सिंचाई की कमी न हो उसे ध्यान में रखते हुए सिंचाई नाली, नाला तटबंध,चेक डेम जैसे कार्यों के लिए लाखो खर्च किया जा रहा जो की बहुत ही सराहनीय और सहयोगी रूप से किसानों को सिंचाई की समस्या से निजात दिलाने में कारगर साबित हो रहा लेकिन एक ओर विकास के नाम पर भारी भ्रष्टचार को भी अंजाम दिया जा रहा जिसमे केंद्र सरकार की लाखो करोड़ों रुपया धरातल में न लग कर भ्रष्टाचारियों की काली जेब में जाता नजर आ रहा है ऐसा ही ताजा मामला सारंगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम ठाकुरदिया का है जहा 19 लाख रूपये नाला में सुरक्षा दिवाल निर्माण के नाम पर राशि स्वीकृत होता है और बकायदा निर्माण भी किया जाता है जिसका कोई औचित्य नजर नही आ रहा आपको बता दे जिस नाला में इसे बनाया गया वह … तामनडीह में है और नाला की गहराई लगभग 10 से 15 फिट का है और सुरक्षा दिवाल महज 4 से 5 फीट का आपको बता दे सुरक्षा दिवाल नाला अंदर में कराया गया और ओ भी एक तरह से जबकि नाला की उचाई उससे 4 गुना है जिसमे बारिश का पानी उसके ऊपर से बहना लाजमी है और जिस उद्देश्य से कार्य कराया गया की नाला कटाव न हो लेकिन 19 लाख खर्च कर कोई लाभ नहीं मिल सकता एक तरह से सरकार की लाखो रूपये का खुला दुरुपयोग किया गया इतना भी कोई भी निर्माण कार्य करते है तो उसकी उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए कार्य की स्वीकृति की जाती है लेकिन यहां तो मनरेगा विभाग के तकनीकी सहायक ने उपयोगिता को कागजों में तो बकायदा ध्यान दिया गया लेकिन जमीनी हकीकत उपयोगिता गायब होता नजर आ रहा है तकनीकी सहायक ने बस अपनी जिम्मेदारी इतना ही समझा की राशि स्वीकृति हुआ है उसका उपयोग करना और हो गए लाखो रूपये बरबाद?

काम बंद हुए 15 दिन बीत रहे लेकिन भरे जा रहे फर्जी मास्टररोल
अपको बता दे सुरक्षा दिवाल निर्माण कार्य को बंद हुए लगभग 10 से 15 दिन होने को है लेकिन उसके बाद भी बकायदा रोजाना 40 से 50 लोगो का फर्जी मास्टर रोल धड़ल्ले से भरे जा रहे है जबकि काम करने कोई मजदूर नही पहुंच रहे वही नाम न बताने की शर्त पर ग्रामीण ने बताया की काम को बंद हुए कई दिन हो चुके नाला में पानी भर चुका है जब से बारिश शुरू हुआ नाला में पानी आने लगा तब से बंद है अब आप अंदाजा लगा सकते है की रोजगार सहायक कैसे फर्जी मास्टर रोल भर रहे साथ ही मास्टर रोल भरने के लिए बाकायदा वेबसाइट में प्रतिदिन का काम करते हुए मजदूरों का फोटो भी डालना होता है उसमे भी रोजगार सहायक ने किया करामात करने में लगे है की एक ही फोटो को लगातार कई दिनों से डाल फर्जी मजदूर दिखाकर मर्जी मास्टर रोल का खेला खेल रहे इतना ही नही ग्रामीण ने तो यह भी बताया की जो काम करने नही गए उनका भी मास्टररोल भरे गए है जबकि काम करने का भी वर्तमान स्थिति तकनीकी सहायक को प्रतिदिन का दिया जाता है ऐसे साफ जाहिर है की तकनीकी सहायक और रोजगार सहायक की मिली भगत से फर्जी मास्टर रोल को अंजाम दे रहे फिलहाल देखना यह होगा कि ऐसे रोजगार सहायक और तकनीकी सहायक पर जनपद अधिकारी क्या संज्ञान लेते है या फिर नजर अंदाज कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते है ?


More Stories
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड रायगढ़ ने किया डॉ.मनीषा त्रिपाठी को सम्मानित
कमजोर प्रगति वाले जिलों की विशेष समीक्षा, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने ली वर्चुअल बैठक
डौंडी में अवैध शराब के खिलाफ जनआक्रोश, जनप्रतिनिधियों व महिलाओं ने थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन