बिलासपुर। थाना रतनपुर जिला बिलासपुर द्वारा दिनांक 05/03/2023 को करहाधारा रतनपुर निवासी
आफताब मोहम्मद पिता फैज गोहम्मद के विरुद्ध अंतर्गत धारा 376, 323 भा.द.वि. एवं धारा 4 एवं 6 लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत अपराध पंजिबद्ध कर गिरफ्तार किया था, जिसका विचारण माननीय अपर सत्र न्यायधीश प्रथम फास्ट ट्रैक कोर्ट विशेष न्यायाधीश (पाक्सो अधि.) बिलासपुर (छ.ग.) पीठासीन अधिकारी श्रीमती पूजा जायसवाल के समक्ष
लंबित था, उक्त प्रकरण में पीडिता द्वारा आरोपी पर सन 2018 से पीडित के साथ जबरदस्ती बलात्कार एवं शराब पीकर मारपीट करने का आरोप लगाया था जिस के बाद अपराध दर्ज
होने के कुछ दिन बाद रतनपुर में सामप्रदायिक अराजकता फैल गई थी और रतनपुर जो की छ. ग. राज्य का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है जिस कारणवश पुलिस प्रशासन द्वारा छावनी में तबदील कर मामले की गम्भीरता को देखते हुए एवं किसी प्रकार की अप्रीय घटना होने से संभाला गया था, जिस कारण उपरोक्त मामला बहोरा गर्मी में रहा था उपरोक्त प्रकारण अभियुक्त की ओर से उसके अधिवक्ता सैय्यद इशहादिल अली छ.ग. उच्च न्यायालय एवं अधिवक्ता योगेश यादव पैरवी कर रहे थे

जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा संपूर्ण साक्ष्य एवं गवाहों का निरिक्षण किया जिस में अभियोजन अपने जांच करता अधिकारी या जैसवानी के विरूद्ध गिरफ्तारी वारंट होने के
पश्चात भी न्यायालय में साक्ष्य नहीं कराया गया जिसपर आरोपी के
निवेदन पर न्यायालय द्वारा जांचकर्ता अधिकारी के साक्ष्य का अवसर माँगा कर दिया गया जिसके बाद माननीय न्यायालय द्वारा पीडिता एवं अन्य साक्ष्यों एवं साध्य का सुक्ष्म निरिक्षण कर आरोपी अधिवक्ता का वर्क श्रवण कर दिनांक 23/03/2024 को आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए उपरोक्त प्रकरण से दोषमुक्त कर दिया गया।
ज्ञात हो कि मान उच्च न्यायालय बिलासपुर छग के विद्वान अधिवक्ता सैय्यद इशहादिल अली के द्वारा कड़ी मेहनत करके अपने पक्षकार का पक्ष माननीय न्यायालय के पटल रखते है, वे अपने मेहनत से अपना नाम इस क्षेत्र में स्थापित कर चुके है।

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