सारंगढ़-बिलाईगढ़,: सरसीवां उपार्जन केंद्र में धान पंजीयन प्रक्रिया के दौरान किसानों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। केंद्र में नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा किसानों से उनकी जमीन के आधार पर धान पंजीयन व रकबा संशोधन के लिए 500, 200, 100, और 50 रुपये की रिश्वत ली जा रही है। यह केंद्र भटगांव कृषि उपज मंडी के अंतर्गत आता है, जो जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में स्थित है।
किसानों का कथन है कि पंजीयन संशोधन और कैरी फॉरवर्ड करने के लिए उनसे लगातार रिश्वत मांगी जा रही है। इस भ्रष्टाचार में शामिल कंप्यूटर ऑपरेटर न तो शासन प्रशासन से डरता है और न ही आम जनता की चिंता करता है। किसानों ने बताया कि उनके धान पंजीयन को लेकर हो रहे काम में उन्हें रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
किसानों की पीड़ा: सूत्र के बताए अनुसार
सरसीवां और आसपास के किसानों ने बताया कि पंजीयन कराने में पहले से ही काफी समस्याएं हो रही थीं, और अब यह रिश्वतखोरी उनके लिए एक नई मुसीबत बन गई है। किसानों के अनुसार, उन्हें अपनी फसल का सही मूल्यांकन करवाने और पंजीयन में सुधार कराने के लिए रिश्वत देना पड़ रहा है। यह मामला विशेष रूप से उन छोटे किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।

तत्काल कार्रवाई की मांग:
किसानों ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए प्रशासन से तुरंत जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। भ्रष्टाचार में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जानी चाहिए, ताकि किसानों के साथ हो रहे अन्याय पर रोक लग सके।जिसको लेकर एक व्यक्ति सुखराम खूंटे ने भी कलेक्टर से लिखिए शिकायत दी है और किसानों के साथ हो रहे रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने और दोषियों पर कार्यवाही की गुहार लगाया
प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में:
किसानों का यह भी कहना है कि अब तक प्रशासन ने इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद हैं। अगर जल्द ही इस पर कार्रवाई नहीं होती, तो यह मुद्दा और बड़ा हो सकता है और किसानों का विश्वास प्रशासन से उठ सकता है।
जनता की उम्मीद:
किसान और आम जनता अब उम्मीद कर रही है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। साथ ही सुत्र बताते है और एक वीडियो शोशल मीडिया में भी वायरल हो रहा जिसमे किसान से पूछने पर किसानो ने भी कार्य के नाम पर पैसे की लेन देन की बात कर रहे लेकिन किसान डर की वजह से सामने नही आ पाते जनहित में देखते हुए तत्काल जांच कर दोषी पर कार्यवाही करनी चाहिए

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