सारंगढ़ – कहा जाता है की क़ानून सबके लिए बराबर होता चाहे ओ अमीर हो गरीब हो छोटे हो बड़े हो अनपढ़ हो या शिक्षित नेता हो या आमनागरिक या फिर शासकीय अगर किसी ने क़ानून तोड़ा या फिर कोई अपराध किया सबके लिए दंड एक बराबर होगा लेकिन सारंगढ़ बिलाईगढ़ नवीन जिला के साथ क़ानून व्यवस्था बनते और थोपते नजर आ रही है जहाँ इंसान देख क़ानून व्यवस्था के रखवाले कदम उठाये जाते है अगर कोई गरीब या निचले तबके से तो उसकी कोई सुनवाई नहीं उसकी चप्पल क्या पैर तक घिस जाते है लेकिन उसके बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिलता इस समाचार से शायद बहुत से उच्च पद के प्रभावशील व्यक्तियों के मन मे काटा की तरह चुभेगा लेकिन जनहित, समाजहित, जिलाहित, विकासहित और न्याय हित के लिए बेहद जरूरी है ऐसा आभाष होता नजर आ रहा है आज जागने की जरूरत है, समझने की जरुरत है, बदलने की जरुरत है, लेकिन किसे जागने की जरुरत है, किसे बदलने जरुरत है, किसे समझने की जरुरत क्या अमजनता को नहीं जनता को नहीं जनता को चलाने वाले जनहितैषी को है! जनता पर शासन करने वाले जिला के प्रशासनिक तंत्र को जिनके कंधो पर लाखो लोगो की हक अधिकार, न्याय दिलाने की जिम्मेदारी है लेकिन सारंगढ़ मे न्याय व्यवस्था तब कही किताब की पन्ने की तरह पलट जाता जिसमे प्रभावशील व्यक्ति फसता हो अभी हाल ही की घटना बया करती है
राज्योउत्सव जिला स्तरीय मे लापरवाही, सुरक्षा को अनदेखी करने की वजह से एक शिक्षक की हुई मौत, प्रशासन रह गया मौन ?

बहुत ही खुशी और जिम्मेदारी के साथ जिला प्रशासन राज्योउत्सव की तैयारी कर रहा था जहाँ जिला भर के बड़े बड़े अधिकारी तैयारी मे लगे थे लेकिन एक चूक नें संकुल समान्यवक भगतराम पटेल की मौत का कारण बन गया लेकिन दुर्भाग्य की बात तो यह की इतनी बड़ी लापरवाही अधिकारियो नें, जिम्मेदार लोगो नें सुरक्षा को अनदेखी किया और बिजली की चपेट मे शिक्षक आ गया लेकिन इसका ना तो कोई जाँच हुआ और ना ही एफ आई आर लापरवाही से काम किया गया जिसका खामयाजा जिंदगी लुटा कर चुकानी पढ़ी फ्लेक्स लगाने वाला इस दुनिया से चला गया और मौत का तार बिछाने वाला पर तनिक भी आंच नहीं आने दि कहा है बराबर का क़ानून जहाँ एक गरीब आदमी बिना हेलमेट का चले तो चालान काट दि जाती है किसान ट्रेक्टर से रेत लाये तो हजारों का जुर्माना लगाई जाती है, आम जनता अगर कोई अपराध करें तो तत्काल उठाकर जेल भेज दिया जाता है लेकिन जहाँ अधिकारियो की बात आये तो जिम्मेदार अधिकारियो की कलम तक नहीं चलती मुँह से जाँच के आदेश तक नहीं निकलते नवीन जिला का नया क़ानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह ?
सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला और जिला वासियो की हित,विकास भूल गई प्रशासन ?
सबको पता है की लापरवाही से बिजली की घटना घटी ईमानदार और जनता के लिए काम करने वालों के अन्दर आज भी इस घटना को लेकर कई प्रश्न कोतुहाल वश भरा है लेकिन कोई कुछ नहीं बोल रहा जिला मे बहुत ही कम ऐस अधिकारी है जो आज भी जनता की सेवक समझ जनता से जुड़कर काम कर रहे उनकी पीड़ा समझ रहे उनके जिला के ही तमाम अधिकारी ही तो जिला के कर्ता धर्ता, आप ही जिला को अब तक सवारा है आगे भी सावरना है, आप ही है जिला वासियो की उम्मीद और भरोसा जिससे न्याय की पानी पी सकते है तो आज सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला के प्रशासनिक तंत्र को जागने की जरुरत है हलाकि आज तक जिला विकास और विनाश दोनों मे प्रशासनिक तंत्र की ही अहम भूमिका है
बिजली कांड घटना जाँच की माँग लगातार उठ रहा लेकिन अधिकारी आखिर मौन क्यों?

बिजली कांड की घटना के बाद खुद शिक्षको नें न्यायिक जाँच की माँग की है, साथ ही संकुल समन्वयक संघ नें भी DEO को पद से हटाने और FIR दर्ज तक की मांग कर चूका अब NSUI की भी टीम नें दोषियों पर कार्यवाही की माँग की है लगातार जाँच की माँग उठ रही उसे देखते हुई जिला प्रशासन तत्काल जाँच टीम गठित कर जाँच कराना चाहिए बल्कि जिस दिन यह घटना घटी उसी दिन जिला प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर जाँच करनी चाहिए थी और दोषी पर कड़ी कार्यवाही फिलहाल इस घटना के बाद सबक लेने की जरुरत है ऐसी लापरवाही दुबारा ना दोहराई जाये फिलहाल जनता जिला प्रशासन पर उम्मीद जरूर लगा रही थी की स्वतः संज्ञान लेकर कार्यवाही करेंगी लेकिन ऐसा कोई संकेत नजर नहीं आने से जिला प्रशासन की छवि धूमिल होता नजर आ रहा है ?( सूत्र बताते है की जिम्मेदार प्रशासनिक विभाग को बचाने प्रशासनिक तंत्र के अलाधिकारी खूब लगे है खबर सूत्र के आधार पर जनहित, जिला हित, न्याय हित पर लिखा गया है )

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