महासमुंद : खबर निरीक्षण
बेलसोंडा(महासमुंद)के आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों की थाली से दाल गायब होने का मामला सामने आने के बाद महिला बाल विकास विभाग में हड़कंप मच गया है।
जनपद उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर ने इस लापरवाही को गंभीरता से लिया और तत्काल निरीक्षण कर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को कड़ी फटकार लगाई और उन्होंने अधिकारियों को भी इस मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
चंद्राकर की इस पहल का असर तुरंत दिखा है एवं बच्चों के पोषण और देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही को रोकने के लिए विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब महासमुंद जिले के हर गांव में एक निगरानी समिति का गठन किया जाएगा l
इस पर दिनांक 09.09.2025 को पत्र जारी जिसका उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है एवं यह समिति तीन दिनों के भीतर बनाई जाएगी।
निगरानी समिति का गठन और जिम्मेदारियाँ
इस समिति में गांव के महत्वपूर्ण लोग शामिल होंगे जिसमें महिला सरपंच या पंच अध्यक्ष होंगी,इसके अलावा,स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष,प्रतिष्ठित व्यक्ति,बच्चों के माता-पिता और मितानिन भी सदस्य के रूप में शामिल होंगे।
यह समिति हर हफ्ते कम से कम दो बार आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण करेगी।
उनकी मुख्य जिम्मेदारियाँ होंगी:
- केंद्र के खुलने और बंद होने का समय।
- बच्चों की उपस्थिति।
- नाश्ते और गरम भोजन का मेनू के अनुसार मिलना।
- केंद्र की साफ-सफाई और सुरक्षा।
- बच्चों को दी जा रही अनौपचारिक शिक्षा की गतिविधियां।
यदि निरीक्षण के दौरान कोई भी गड़बड़ी पाई जाती है तो समिति तुरंत पर्यवेक्षक या परियोजना अधिकारी को सूचित करेगी।
हुलसी चंद्राकर की जागरूकता और त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि जन प्रतिनिधियों की सक्रियता से सरकारी योजनाओं को सही ढंग से लागू किया जा सकता है जिससे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।

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