बसना – खबर निरीक्षण
बसना तहसील के अंतर्गत आसपास के ग्रामीणों क्षेत्रों मे खाद की कालाबाजारी में लगाम लगाने में विभागीय अधिकारी भी असफल हो रहे हैं।
कृषि खाद को शासकीय दर से तिगुने दामों पर बेचे जाने की ख़बर आ रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बसना एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले से खाद बेचा जा रहा है l
किसानों को खरीफ फसल के लिए खाद नहीं मिलने से परेशानी बढ़ी हुई है और इधर आर्थिक रूप से नुकसान उठाना भी पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने नित नए कल्याणकारी योजना लागू कर रही है।
कृषि खाद बेचने वाले व्यापारियों के द्वारा व्यक्तिगत लाभ अर्जित करने के चक्कर मे किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं,इधर किसान अच्छे फसल के लिए खाद को खरीदना उनकी मजबूरी है।
बता दें कि कृषि खाद शासकीय दर 266 रूपये है और इसी खाद को 900 से 1000 रूपये तक में बेचा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि लायसेंस धारी व्यापारियों को कृषि विभाग शासन के द्वारा निर्धारित दर से खाद बेचने उपलब्ध कराया जाता है लेकिन खाद को व्यापारियों के द्वारा किसानों के आधार कार्ड में लिंक करते हुए शासकीय दर पर एन्ट्री तो किया जाता है लेकिन खाद तिगुने चौगुने दामों में बेचकर लाखों रूपये कमा लेते हैं और इधर किसान हमेशा क़र्ज़ में लदा रहता है l
कृषि खाद सहकारी समिति में उपलब्ध कराया जाये ताकि किसानों को खाद के लिए इधर उधर भटकना न पड़े,लेकिन सहकारी समिति मे खाद न आकर सीधे व्यापारियों के पास खाद कहां से आ रहा है यह एक गंभीर सवाल है ?
गौरतलब है कि किसान हितैषी भाजपा सरकार इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रही है।
बसना ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों की शासन-प्रशासन से मांग है कि खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगाते हुए किसानों को जल्द से जल्द खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाएl

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