सारंगढ़ बिलाईगढ़ – ग्राम पंचायत चुनाव को अब कुछ दिनों में एक साल हो जायेगे,और नए सरपंच भी अपनी 5 साल के कार्यालय में एक साल पूरा कर जायेगे लेकिन आज सवाल पंचायत चुनाव या सरपंच के बीत रहे एक साल का नहीं है सवाल है आखिर जनता उन्हें सरपंच क्यों चुनती है और इन बीतते साल में सरपंचों ने क्या कर पाया? इस बात को एक अनपढ़ भी भली भांति जनता है कि ग्राम पंचायत और ग्रामवासियों की मूलभूत सुविधाओं को पूरा करने जनता किसी उम्मीदवार को जिताती है लेकिन आज एक साल बीतने को है लेकिन ग्राम पंचायतो की विकास कार्यों मानो ग्रहण लगा हुआ है चुनाव के दौरान सरपंचों ने जनता से बिजली, पानी,सड़क, स्वक्षता,जैसे तमाम वादे जनता से किए लेकिन आज भी सरपंच उन्हें पूरा नहीं कर पा रहे जिसकी वजह से सरपंचों की छवि ग्राम वासियों की बीच धूमिल हो रहा जनता अब कहने लगी सब जितने से पहले वादे करते है जितने के बाद सब भूल जाते इस तरह की चर्चा सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के तमाम ग्राम पंचायतों में अक्सर जनता की जुबानी सुनने को मिल रहा है ,और जनता क्यों न पूछे सवाल ,क्यों न हो चर्चा,होनी भी चाहिए ?

सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला ग्राम पंचायत विकास कार्यों से कोसों दूर
सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले की बात करे तो अब तक महज कुछ ही ग्राम पंचायत के सरपंच होगे जिन्हें अपने गांव में विकास कार्यों को पूरा करने का अवसर मिला हो ओ भी गिने चुने लेकिन मिला भी तो कितना महज 10 से 15 लाख ओ भी जिनके भाग्य अच्छे थे वहीं बाकी पंचायतों की बात करे तो किसी को 5 या 10 लाख तक के ही विकास कार्यों मिली या तो बहुत से ग्राम पंचायत ऐसे भी है जिनको कुछ नहीं मिला, विकास कार्यों को कराने पंचायत प्रतिनिधि कभी बीडीएस के पास लेटर पैड लेकर पहुंच रहे तो, कभी डीडीसी, कभी जनपद पंचायत तो कभी जिला पंचायत तो कभी कलेक्टर दफ्तर यहां तक कि कुछ ने तो विधायक, संसद से लेकर मंत्री मुख्यमंत्री तक विकास कार्य की लेटर लेकर मांग कर चुके लेकिन न जाने कितने महीने बीत चुके विकास कार्यों की फाइल गुम किस राह में भटक गया की कभी उनके ग्राम पंचायत तक नहीं पहुंचा विकास कार्यों में मानो ग्रहण लग चुका है जिसकी वजह से सरपंच मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जनता सवाल पूछ रही कहा है विकास सरपंच धीरे आवाज में जनता को दे रहे अवश्वान की यहां यहां फाइल दिए है आएगा विकास होगा लेकिन असल में तो सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में विकास कार्यों की स्थिति ठीक नहीं चल रही

मनरेगा से मद तक खाली
ग्राम पंचायत का विकास करने के लिए कई तरह की योजनाओं और मद है लेकिन आज एक साल होने को है सब ठप पड़ा हुआ हैं न तो मनरेगा में ग्राम पंचायतों को काम मिल रहा और न ही किसी मद से वही पिछले पंचायत का आकलन करे तो मनरेगा से मद तक भरपूर काम ग्राम पंचायतो को मिला जबकि महामारी की कहर से गुजरा था लेकिन अब तो उससे भी बत्तर हाल हो चुका है जहां कोरोना महामारी में भी विकास कार्य का स्तर जितना नीचे नहीं गिरा उससे ज्यादा तो आज गिरता जा रहा है पहले तो मनरेगा से पंचायत करोड़ो के काम कर लेते थे अब तो मनरेगा में भी विकास कार्य का धीरे धीरे गायब होता जा रहा है मद तो दूर की बात है फिलहाल अभी वर्तमान में पंचायत और सरपंचों का हाल बेहाल है कर्ज के तले दबे हुए है

डबल इंजन की सरकार में विकास कार्यों तेज नहीं ?
वहीं राज्य और केंद्र दोनों में ही भाजपा की सरकार है लेकिन विकास कार्यों की गति बहुत धीमी चल रही प्रदेश में अन्य जिलों की क्या स्थिति ये तो नहीं बता सकते लेकिन सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में विकास की गति काफी धीमी नजर आ रही जबकि डबल इंजन की सरकार है जब चुनाव हुआ भाजपा की सरकार प्रदेश में बनी तो सरपंचों को लगा था कि अब विकास की दिशा में तेजी से काम होगा लेकिन सोच से विपरीत चल रहा हालांकि हर क्षेत्र में विकास की गति धीमी है ऐसा नहीं कहा जा सकता सरकार भारी भरकम बजट धान खरीदी, और महतारी वंदन और प्रधानमंत्री आवास योजना में सरकार का बजट बहुत भारी है लेकिन इन्हें छोड़कर बाकी क्षेत्र में गति धीमी जरूर नजर आ रहा है जिसका असर ग्राम पंचायत में देखने को मिल रहा है लेकिन अभी एक साल बीतने को है बाकी 4 साल बचे है उम्मीद है कि आगमी दिनों में विकास की गति तेज होगी और जनताओं को मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा

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