बालोद- डौंडी विकासखण्ड के सेवा सहकारी समितियों में 15 नवम्बर से धान खरीदी की जा रही है। धान खरीदी बिकी में तुहर टोकन एप से आनलाईन टोकन एव ऑफलाईन टोकन की व्यवस्था की गई है किंतु खरीदी की लिमिट बहुत ही कम है व धिमी गति से चल रहा है। जिस कारण से सोसाइटीयों में आज पर्यन्त तक 25 प्रतिशत धान खरीदी नहीं हुआ है जो 31 जनवरी तक सभी किसानों का धान खरीदी नहीं हो पायेगा। निम्नांकित विषयों पर जल्द से किसानों की धान खरीदी की व्यवस्था करने किसानों ने एक दिवसीय धरना कर एसडीएम के हाथों मुख्यमंत्री के नाम निम्न मांगो को लेकर ज्ञापन सौपा गया है
जो इस प्रकार है

- धान बिकी हेतु टोकन जो कि तुहर टोकन एप से आनलाईन टोकन एवं आफलाईन टोकन की व्यवस्था दी गई है 70 प्रतिशत एवं 30 प्रतिशत के स्थान पर 50-50 प्रतिशत किया जावें।
- धान बिकी हेतु टोकन की संख्या जो कि वर्तमान में दो एकड़ तक एक बार दो से दस एकड़ तक 2 बार एवं दस एकड़ से उपर तीन बार का नियम बनाया गया है उसे समाप्त कर किसानों की सुविधा अनुसार टोकन काटने की व्यवस्था बनायी जावें ।
3,गिदावरी रिपोर्ट में गडबडी रकबा कटौती पंजीयन में त्रुटि या अन्य राजस्व के कारण किसानों को धान बेचने में समस्या आ रही हैं शीघ्र निराकरण किया जावें ।
- सेवा सहकारी समित्तियों में धान खरीदी की मात्रा सीमित कर दिया गया है प्रत्येक समिति में 25 से 30 प्रतिशित लिमिट की मात्रा बढ़ाई जावें ताकि किसान सुविधा पूर्वक धान बेच सके।
5.पूर्ववर्ती सरकार के समय धान के चौथी किस्त की राशि तत्काल किसानों को दिया जायें ।
- जिन किसानों को वन अधिकार पट्टा मिला है उन किसानों का धान खरीदी नहीं किया जा रहा है उन किसानों का धान खरीदी की व्यवस्था कि जाये।
- इस वर्ष हुदहुद बारीश से किसानों का धान बदरानुमा व उपज बहुत कम हुआ है जिसका मुल्यांकन कर मुआवजा राशि व क्षतिपुर्ति राशि दिया जायें। किसानो की समस्याओं की दृष्टिगत रखते हुए जल्द से जल्द समस्याओं की समाधान करने के लिए निवेदन किया गया ।









More Stories
अगर आपकी भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो चिंता मत करिये,,, लग रहा जन समस्या निवारण शिविर || जाये जरूर
सारँगढ जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन 27 मार्च को, एसडीएम ने जारी किए निर्देश
वन अधिकार समिति में सदस्य बनीं सुश्री नीलिमा श्याम से आदिवासी क्षेत्र के विकास को नई उम्मीद