बफरिंग लिमिट से ज्यादा धान का जमाव, उठाव सिर्फ 20%
अगले हफ्ते से धान खरीदी ठप होने की आशंका
बालोद -जिले के धान खरीदी केंद्रों में जरूरत से कहीं ज्यादा धान का जमाव हो गया है। स्थिति यह है कि कई केंद्रों में बफरिंग लिमिट पार हो चुकी है, जबकि धान उठाव की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। अब तक कुल खरीदे गए धान का केवल करीब 20 प्रतिशत ही उठाव हो पाया है।
यदि यही हालात रहे तो अगले सप्ताह से किसानों का धान खरीदना मुश्किल हो जाएगा, जिससे पहले से परेशान किसान और संकट में आ जाएंगे। किसान पहले ही टोकन कटने की समस्या, तारीखों में देरी और तकनीकी अड़चनों से जूझते हुए किसी तरह अपना धान बेच पा रहे हैं।
हर साल प्रशासन की ओर से यह दावा किया जाता है कि धान खरीदी की सारी तैयारियां पूरी हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। केंद्रों में धान रखने की जगह नहीं बची है, फिर भी उठाव की कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आ रही।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि संबंधित अधिकारी धान उठाव की सही और स्पष्ट जानकारी देने से बचते नजर आ रहे हैं, जिससे किसानों में असमंजस और आक्रोश दोनों बढ़ रहा है।
अब सवाल यह है कि—
जब बफरिंग लिमिट पार हो चुकी है तो उठाव तेज क्यों नहीं किया जा रहा?
यदि खरीदी बंद हुई तो जिम्मेदार कौन होगा?
क्या एक बार फिर किसान प्रशासनिक लापरवाही की कीमत चुकाएगा?
धान खरीदी को लेकर उठते ये सवाल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहे हैं। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हालात बेकाबू हो सकते हैं ।

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