February 5, 2026

मांगों को लेकर सरपंच संघ का उग्र धरना, प्रशासन पर अनदेखी और वादाखिलाफी का आरोप

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बालोद।
बालोद ब्लॉक के ग्राम पंचायत सरपंचों का सब्र आखिरकार टूट गया। अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सरपंच संघ के बैनर तले आज सरपंचों ने एक दिवसीय उग्र धरना प्रदर्शन किया | बालोद ब्लॉक सरपंच संघ अध्यक्ष श्री कृष्णा साहू ने कहा कि पंचायतों को अधिकारविहीन कर दिया गया है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देकर समस्याओं को टालते आ रहे हैं। अध्यक्ष ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि शीघ्र ही समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला, शासन-प्रशासन पर लगातार उपेक्षा, अनदेखी और वादाखिलाफी के गंभीर आरोप लगाए।
ग्राम पंचायत देवारभाट सरपंच श्रीमती लता कोर्राम ने कहा कि ग्राम पंचायतें जमीनी स्तर पर शासन की रीढ़ हैं, लेकिन आज वही पंचायतें आर्थिक संकट और प्रशासनिक उदासीनता से जूझ रही हैं।

सरपंचों का गुस्सा, तीखी नारेबाजी और सरकार के खिलाफ कड़े शब्दों में की गई टिप्पणियां साफ झलकती हैं।
धरना प्रदर्शन के दौरान सरपंच संघ ने स्पष्ट कर दिया कि यह आंदोलन सिर्फ शुरुआत है। यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक बड़ा और निर्णायक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

प्रदर्शन के दौरान सभी सरपंच एसडीएम कार्यालय के सामने एकत्रित होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते नजर आए। इसके बाद सरपंच संघ ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
इसी क्रम में सरपंचों ने बालोद विधानसभा की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा से भी मुलाकात कर अपनी मांगों और पंचायतों की बदहाल स्थिति से उन्हें अवगत कराया तथा शीघ्र समाधान की मांग की। सरपंचों ने स्पष्ट कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा।